संत कबीर नगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से एक परिवार को बिखरने से बचा लिया गया। जिला विधिक साक्षरता प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह के निर्देशन और सचिव सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच सुलह कराकर उन्हें फिर से एक साथ खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
बिहार राज्य निवासी सुनील कुमार राव और इसी जनपद संत कबीर नगर निवासी उनकी पत्नी रीमा देवी के बीच वैचारिक मतभेद और अविश्वास के चलते काफी समय से अनबन चल रही थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला मध्यस्थता केंद्र तक पहुँच गया। विवाद के समाधान के लिए अधिवक्ता मध्यस्थ नसरीन खान को नामित किया गया। मध्यस्थ नसरीन खान ने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें पारिवारिक जीवन के महत्व को समझाते हुए आपसी सुलह के लिए प्रेरित किया। मध्यस्थ के निरंतर प्रयासों के बाद, दोनों पति-पत्नी अपने मतभेदों को भुलाने और अपने दो नाबालिग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए साथ रहने को राजी हो गए। सुलह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पति-पत्नी ने दोबारा साथ रहने की कसम खाई, तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं। मध्यस्थ नसरीन खान ने दंपति को साथ-साथ रहते हुए एक खुशहाल जीवन जीने का शुभकामना दिया। विदित हो को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर के अंतर्गत मध्यस्थता एवं सुला समझौता केंद्र का संचालन होता है जिसमें हर तरह के पारिवारिक विवादों का समाधान आपसी सुलह समझौता के माध्यम से किया जाता है।
*संत कबीर नगर में मध्यस्थता की अनूठी पहल: बरसों से अलग रह रहे दंपति को फिर से मिलाया, बिखरा परिवार हुआ एक*। संवाददाता देवानंद पांडेय
*संत कबीर नगर में मध्यस्थता की अनूठी पहल: बरसों से अलग रह रहे दंपति को फिर से मिलाया, बिखरा परिवार हुआ एक*। संवाददाता देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से एक परिवार को बिखरने से बचा लिया गया। जिला विधिक साक्षरता प्राधिकरण के अध्यक्ष रणधीर सिंह के निर्देशन और सचिव सुनील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में एक लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच सुलह कराकर उन्हें फिर से एक साथ खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
बिहार राज्य निवासी सुनील कुमार राव और इसी जनपद संत कबीर नगर निवासी उनकी पत्नी रीमा देवी के बीच वैचारिक मतभेद और अविश्वास के चलते काफी समय से अनबन चल रही थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला मध्यस्थता केंद्र तक पहुँच गया। विवाद के समाधान के लिए अधिवक्ता मध्यस्थ नसरीन खान को नामित किया गया। मध्यस्थ नसरीन खान ने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें पारिवारिक जीवन के महत्व को समझाते हुए आपसी सुलह के लिए प्रेरित किया। मध्यस्थ के निरंतर प्रयासों के बाद, दोनों पति-पत्नी अपने मतभेदों को भुलाने और अपने दो नाबालिग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए साथ रहने को राजी हो गए। सुलह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब पति-पत्नी ने दोबारा साथ रहने की कसम खाई, तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भर आईं। मध्यस्थ नसरीन खान ने दंपति को साथ-साथ रहते हुए एक खुशहाल जीवन जीने का शुभकामना दिया। विदित हो को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संत कबीर नगर के अंतर्गत मध्यस्थता एवं सुला समझौता केंद्र का संचालन होता है जिसमें हर तरह के पारिवारिक विवादों का समाधान आपसी सुलह समझौता के माध्यम से किया जाता है।






