संत कबीर नगर।जनपद में नाथनगर ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत महुली थाना क्षेत्र के ग्राम टिकुईकोल बाबू में ब्लॉक प्रमुख के उत्पीड़न से एक परिवार के पलायन करने के सुभासपा नेताओं के आरोपों की ग्रामीणों ने हवा निकाल दिया है। ग्रामीणों का दावा है कि कथित पलायन करने वाला परिवार पड़ोसियों की बुरी तरह पिटाई करके गायब हुआ है। वहीं ब्लॉक प्रमुख नाथनगर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विरोधियों द्वारा छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है।
सुभासपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को एक पत्रक सौंपा था। पत्र में नाथनगर ब्लॉक प्रमुख रामवृक्ष यादव के कथित उत्पीड़न के चलते तीन परिवारों के टिकुईकोल बाबू गांव से पलायन किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। शनिवार को गांव पहुंच कर जब मामले की हकीकत जानने की कोशिश की गई तो चौंकाने वाली बातें सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि दरवाजे पर मिट्टी पाटने को लेकर अमरनाथ और रामचन्द्र के परिवार में विवाद हुआ था। रामचंद्र की पुत्री का दावा है कि उक्त विवाद में अमरनाथ के परिवार वालों ने रामचंद्र की पुत्री और बेटे को अपने घर में बंद करके दोनों की पिटाई कर दिया था। जिसमें लड़की को गंभीर चोटें आई थी। उक्त मामले में दोनों पक्षों ने महुली थाने में तहरीर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने घायल लड़की को इलाज की सलाह देकर अगले दिन थाने पर दोनों पक्षों को बुलाया था। बताया जाता है कि घर पहुंचने पर ब्लॉक प्रमुख के पास दोनों पक्ष पहुंचे तो उन्होंने दोनों पक्षों को समझा बुझा कर सुलह करने की बात कही। रामचंद्र के परिवार का कहना है कि अगली सुबह जब घायल लड़की की तबियत बिगड़ी तो परिवार के लोग इलाज के लिए उसे अस्पताल लेकर चले गए। ग्रामीणों का दावा है कि उसी दिन अमरनाथ का परिवार सुबह घर छोड़ कर कहीं चला गया। उनके घर पर ताला बंद है। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख द्वारा उक्त परिवार के उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पड़ोस में रहने वाली ईसा देवी, दुर्गावती देवी, रामचंद्र आदि ने अमरनाथ के परिवार का ब्लॉक प्रमुख द्वारा उत्पीड़न करने के आरोपों को गलत बताया है। इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख रामवृक्ष यादव का पक्ष जानने का प्रयास हुआ तो उन्होंने बताया कि अमरनाथ के परिवार के उत्पीड़न का आरोप सरासर गलत है। पड़ोसियों से हुई मारपीट में उन्होंने दोनों पक्षों को सुलह की सलाह दिया था। अगले दिन से ही वह परिवार कहां और क्यों चल गया उसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ग्रामीणों की सेवा, गांव के विकास और सभी के प्रति अपनत्व की भावना के चलते बाबा के समय से ही प्रधानी उनके परिवार में चली आ रही है। कच्ची शराब तो समूचे थाना क्षेत्र में कहीं नहीं बन रही। सरकार के बेहतर कानून व्यवस्था और स्वच्छ प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
*”सुभासपा नेताओं के आरोपों की ग्रामीणों ने निकाली हवा, उत्पीड़न नहीं मारपीट करके गायब हुआ है परिवार* *(सेवा, विकास और अपनत्व के चलते 40 वर्षों से परिवार में है प्रधानी, सारे आरोप निराधार – ब्लॉक प्रमुख)* *(महुली थाना क्षेत्र के ग्राम टिकुईकोल बाबू में उत्पीड़न से एक परिवार के कथित पलायन का है मामला)* / संवाददाता देवानंद पांडेय
*”सुभासपा नेताओं के आरोपों की ग्रामीणों ने निकाली हवा, उत्पीड़न नहीं मारपीट करके गायब हुआ है परिवार* *(सेवा, विकास और अपनत्व के चलते 40 वर्षों से परिवार में है प्रधानी, सारे आरोप निराधार – ब्लॉक प्रमुख)* *(महुली थाना क्षेत्र के ग्राम टिकुईकोल बाबू में उत्पीड़न से एक परिवार के कथित पलायन का है मामला)* / संवाददाता देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर।जनपद में नाथनगर ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत महुली थाना क्षेत्र के ग्राम टिकुईकोल बाबू में ब्लॉक प्रमुख के उत्पीड़न से एक परिवार के पलायन करने के सुभासपा नेताओं के आरोपों की ग्रामीणों ने हवा निकाल दिया है। ग्रामीणों का दावा है कि कथित पलायन करने वाला परिवार पड़ोसियों की बुरी तरह पिटाई करके गायब हुआ है। वहीं ब्लॉक प्रमुख नाथनगर ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे विरोधियों द्वारा छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है।
सुभासपा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को एक पत्रक सौंपा था। पत्र में नाथनगर ब्लॉक प्रमुख रामवृक्ष यादव के कथित उत्पीड़न के चलते तीन परिवारों के टिकुईकोल बाबू गांव से पलायन किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। शनिवार को गांव पहुंच कर जब मामले की हकीकत जानने की कोशिश की गई तो चौंकाने वाली बातें सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि दरवाजे पर मिट्टी पाटने को लेकर अमरनाथ और रामचन्द्र के परिवार में विवाद हुआ था। रामचंद्र की पुत्री का दावा है कि उक्त विवाद में अमरनाथ के परिवार वालों ने रामचंद्र की पुत्री और बेटे को अपने घर में बंद करके दोनों की पिटाई कर दिया था। जिसमें लड़की को गंभीर चोटें आई थी। उक्त मामले में दोनों पक्षों ने महुली थाने में तहरीर दिया था। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस ने घायल लड़की को इलाज की सलाह देकर अगले दिन थाने पर दोनों पक्षों को बुलाया था। बताया जाता है कि घर पहुंचने पर ब्लॉक प्रमुख के पास दोनों पक्ष पहुंचे तो उन्होंने दोनों पक्षों को समझा बुझा कर सुलह करने की बात कही। रामचंद्र के परिवार का कहना है कि अगली सुबह जब घायल लड़की की तबियत बिगड़ी तो परिवार के लोग इलाज के लिए उसे अस्पताल लेकर चले गए। ग्रामीणों का दावा है कि उसी दिन अमरनाथ का परिवार सुबह घर छोड़ कर कहीं चला गया। उनके घर पर ताला बंद है। ग्रामीणों ने ब्लॉक प्रमुख द्वारा उक्त परिवार के उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पड़ोस में रहने वाली ईसा देवी, दुर्गावती देवी, रामचंद्र आदि ने अमरनाथ के परिवार का ब्लॉक प्रमुख द्वारा उत्पीड़न करने के आरोपों को गलत बताया है। इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख रामवृक्ष यादव का पक्ष जानने का प्रयास हुआ तो उन्होंने बताया कि अमरनाथ के परिवार के उत्पीड़न का आरोप सरासर गलत है। पड़ोसियों से हुई मारपीट में उन्होंने दोनों पक्षों को सुलह की सलाह दिया था। अगले दिन से ही वह परिवार कहां और क्यों चल गया उसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ग्रामीणों की सेवा, गांव के विकास और सभी के प्रति अपनत्व की भावना के चलते बाबा के समय से ही प्रधानी उनके परिवार में चली आ रही है। कच्ची शराब तो समूचे थाना क्षेत्र में कहीं नहीं बन रही। सरकार के बेहतर कानून व्यवस्था और स्वच्छ प्रशासन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।






