
(ब्यूरो अमरनाथ /बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ लखीमपुर।)
खीरी/पीलीभीत। शारदा नदी के धनाराघाट पर बने अस्थायी पैंटून पुल को सोमवार शाम से हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जिसके बाद ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पुल पर आवागमन बंद होने से अब लोगों को तहसील मुख्यालय पूरनपुर पहुंचने के लिए पलिया, भीरा, मैलानी और खुटार होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा।
बताया जाता है कि ट्रांस शारदा क्षेत्र की करीब 17 ग्राम पंचायतों और लगभग डेढ़ लाख आबादी के लिए यह पैंटून पुल वर्षों से जीवनरेखा बना हुआ है। हर वर्ष बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए 15 जून के आसपास पुल को सुरक्षा कारणों से हटा दिया जाता है और बारिश समाप्त होने के बाद दोबारा लगाया जाता है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार शाम छह बजे के बाद पुल से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद अब क्षेत्र के लोगों को बाजार, अस्पताल, तहसील मुख्यालय तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 130 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
इसका सबसे अधिक असर छात्रों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों पर पड़ेगा, जिन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा सफर करना होगा। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बरसात के महीनों में आवागमन की समस्या हर साल बड़ी चुनौती बन जाती है।
हालांकि इस बीच क्षेत्रवासियों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। धनाराघाट पर शारदा नदी पर निर्माणाधीन पक्के पुल का कार्य तेजी से जारी है और वर्ष 2027 तक इसके पूर्ण होकर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पक्का पुल शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को हर वर्ष पैंटून पुल हटने की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही बरसात के मौसम में भी आवागमन सुचारु बना रहेगा और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पुल केवल आवागमन नहीं बल्कि ट्रांस शारदा क्षेत्र के विकास का नया मार्ग साबित होगा।
पैंटून पुल हटने से ट्रांस शारदा क्षेत्र की बढ़ीं मुश्किलें, 2027 तक पक्के पुल से मिलेगी स्थायी राहत डेढ़ लाख आबादी पर असर, अब तहसील पहुंचने के लिए करना होगा लंबा सफर
पैंटून पुल हटने से ट्रांस शारदा क्षेत्र की बढ़ीं मुश्किलें, 2027 तक पक्के पुल से मिलेगी स्थायी राहत डेढ़ लाख आबादी पर असर, अब तहसील पहुंचने के लिए करना होगा लंबा सफर

(ब्यूरो अमरनाथ /बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ लखीमपुर।)
खीरी/पीलीभीत। शारदा नदी के धनाराघाट पर बने अस्थायी पैंटून पुल को सोमवार शाम से हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया, जिसके बाद ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पुल पर आवागमन बंद होने से अब लोगों को तहसील मुख्यालय पूरनपुर पहुंचने के लिए पलिया, भीरा, मैलानी और खुटार होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा।
बताया जाता है कि ट्रांस शारदा क्षेत्र की करीब 17 ग्राम पंचायतों और लगभग डेढ़ लाख आबादी के लिए यह पैंटून पुल वर्षों से जीवनरेखा बना हुआ है। हर वर्ष बरसात के मौसम और संभावित बाढ़ को देखते हुए 15 जून के आसपास पुल को सुरक्षा कारणों से हटा दिया जाता है और बारिश समाप्त होने के बाद दोबारा लगाया जाता है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार शाम छह बजे के बाद पुल से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके बाद अब क्षेत्र के लोगों को बाजार, अस्पताल, तहसील मुख्यालय तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लगभग 130 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
इसका सबसे अधिक असर छात्रों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों पर पड़ेगा, जिन्हें रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा सफर करना होगा। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बरसात के महीनों में आवागमन की समस्या हर साल बड़ी चुनौती बन जाती है।
हालांकि इस बीच क्षेत्रवासियों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। धनाराघाट पर शारदा नदी पर निर्माणाधीन पक्के पुल का कार्य तेजी से जारी है और वर्ष 2027 तक इसके पूर्ण होकर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पक्का पुल शुरू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को हर वर्ष पैंटून पुल हटने की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही बरसात के मौसम में भी आवागमन सुचारु बना रहेगा और क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार तथा कृषि गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पुल केवल आवागमन नहीं बल्कि ट्रांस शारदा क्षेत्र के विकास का नया मार्ग साबित होगा।






