संत कबीर नगर। जनपद के धनघटा तहसील क्षेत्र अंतर्गत विकास खंड नाथनगर के तरयापार गांव में बुधवार को लगातार बारिश के बावजूद 500 फलदार पौधों का वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अभियान में लगभग 100 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रत्येक किसान ने दो-दो पौधे लगाकर रिकॉर्ड समय में लक्ष्य पूरा किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. राम चेत चौधरी ने किसानों के साथ करीब पांच घंटे बिताए। उन्होंने स्वयं किसानों के साथ पौधरोपण कराया और बागवानी की आधुनिक तकनीक, पौधों की देखभाल तथा फलदार बागों को किसानों की आय का स्थायी स्रोत बनाने पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. चौधरी ने कहा कि “इस तरह की सामूहिक पहल ग्रामीण क्षेत्र में कृषि के नए मॉडल को मजबूत करेगी। किसानों को एक फसल पर निर्भर न रहकर फल, सब्जी और विविधीकृत खेती से जोड़ना ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का रास्ता है।”उन्होंने एफपीओ के निदेशक प्रतिनिधि यशोवर्धन पांडेय और सीईओ अमिताभ पांडेय की पहल की विशेष सराहना की।
कार्यक्रम में थाई अमरूद, ताइवानी पिंक अमरूद, नींबू, कटहल और बेल सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार पौधे रोपे गए। नाथनगर एग्रीटेक्नोफेड FPO के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, संत कबीर नगर की टीम के प्रमुख डॉ. सी.पी.एन. गौतम व डॉ. देवेश कुमार ने किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। एसटीआईएल कंपनी की ओर से डॉ. उदय सिंह ने गड्ढा खोदने वाली मशीन उपलब्ध कराई, जिससे कम समय में व्यवस्थित रोपण संभव हो सका।

एफपीओ के निदेशक प्रतिनिधि यशोवर्धन पांडेय ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ फल एवं सब्जी आधारित मॉडल अपनाकर किसानों की आय दोगुनी की जा सकती है। सीईओ श अमिताभ पांडेय ने किसानों को बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी किसानों, वैज्ञानिकों, केवीके टीम एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया। बारिश के बीच सफल हुआ यह अभियान तरयापार में सामूहिक खेती और किसान-आधारित विकास की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।






