संत कबीर नगर। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्राप मोर क्रॉप वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र बगही में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा सुक्ष्म सिंचाई पद्धतियों जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
उल्लेखनीय है कि इन पद्धतियों के उपयोग से लगभग 50 प्रतिशत जल की बचत होती है, फसलों की लागत घटती है तथा उत्पादन में भी लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होती है।
जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल द्वारा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर स्थापित करने पर सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। अभी तक जनपद में लगभग 160 कृषकों द्वारा इन पद्धतियों को स्थापित कराया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला उद्यान अधिकारी संत कबीर नगर समुद्रगुप्त मल्ल, वैज्ञानिक
डॉ0 देवेश कुमार, डॉ0 तरुण कुमार, डॉ0 दुर्गेश मौर्या, डॉ0 अभिनव सिंह, धर्मेंद्र कुमार तथा 50 प्रशिक्षणार्थी कृषक आदि उपस्थित रहे।
संत कबीर नगर: कृषि विज्ञान केंद्र बगही में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।* संवाददाता देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर: कृषि विज्ञान केंद्र बगही में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।* संवाददाता देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ड्राप मोर क्रॉप वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विभाग द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र बगही में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा सुक्ष्म सिंचाई पद्धतियों जैसे ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
उल्लेखनीय है कि इन पद्धतियों के उपयोग से लगभग 50 प्रतिशत जल की बचत होती है, फसलों की लागत घटती है तथा उत्पादन में भी लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होती है।
जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल द्वारा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा बताया गया कि ड्रिप एवं स्प्रिंकलर स्थापित करने पर सरकार द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। अभी तक जनपद में लगभग 160 कृषकों द्वारा इन पद्धतियों को स्थापित कराया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला उद्यान अधिकारी संत कबीर नगर समुद्रगुप्त मल्ल, वैज्ञानिक
डॉ0 देवेश कुमार, डॉ0 तरुण कुमार, डॉ0 दुर्गेश मौर्या, डॉ0 अभिनव सिंह, धर्मेंद्र कुमार तथा 50 प्रशिक्षणार्थी कृषक आदि उपस्थित रहे।






