बहराइच/पयागपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही अब कोटेदारों पर भारी पड़ सकती है। पात्र कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में समय से खाद्यान्न उपलब्ध कराने को लेकर पूर्ति विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पयागपुर क्षेत्र के सभी राशन विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वितरण व्यवस्था में अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पयागपुर क्षेत्र की 69 ग्राम पंचायतों में 91 पीडीएस दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों से बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को सरकारी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। राशन वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार ने सभी विक्रेताओं को निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग अब केवल राशन की दुकानों तक सीमित निरीक्षण के बजाय लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर व्यवस्था की हकीकत परखेगा। अगले माह से सभी ग्राम पंचायतों में विशेष डोर-टू-डोर निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। विभागीय टीमें गांवों में पहुंचकर कार्डधारकों से सीधे जानकारी लेंगी कि उन्हें समय से राशन मिल रहा है या नहीं और निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न दिया जा रहा है अथवा नहीं।
*शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई* :-
पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार ने राशन विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वितरण में घटतौली, अनियमितता, पात्र लाभार्थियों को राशन न देने अथवा अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कार्डधारकों से भी अपील की है कि राशन वितरण से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी विभाग को दें। विभाग का कहना है कि डोर-टू-डोर जांच अभियान का उद्देश्य पीडीएस व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने लाना और पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार सुनिश्चित कराना है।






