संत कबीर नगर। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने संत कबीर नगर में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गौ-माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए कहा कि “जो लोग गाय को पशु मानते हैं, वे असली सनातनी हिन्दू नहीं हैं।” शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि “देश गाय को गौ-माता मानता है, लेकिन भाजपा उसे केवल पशु मानती है। देश का मुस्लिम समुदाय भी गौ-माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद भाजपा की 22 राज्यों में सरकार होने के बावजूद वह इसे स्वीकार नहीं कर रही है।” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लोगों से आह्वान किया कि “यदि भाजपा इस मुद्दे पर अपना रुख नहीं बदलती है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से ‘वोट की चोट’ के जरिए जवाब दिया जाए।” उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। शंकराचार्य ने कहा कि “हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। मेरा आरोप है कि राम मंदिर दान विवाद से ध्यान हटाने के लिए यह मुद्दा उठाया गया है।”
👉सपा का एजेंट कहे जाने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि “जब सरकार के पास सवालों का कोई असली जवाब नहीं होता है, तो सवाल उठाने वालों को सपाई, कांग्रेसी, नक्सली या राष्ट्र-द्रोही बताया जाता है।”
*संत कबीर नगर: शंकराचार्य बोले- “गाय को पशु मानने वाले असली सनातनी और हिन्दू नहीं”* (भाजपा पर साधा निशाना, कहा- “वोट से ही चोट करें!”)* /संवाददाता: देवानंद पांडेय संत कबीर नगर।
*संत कबीर नगर: शंकराचार्य बोले- “गाय को पशु मानने वाले असली सनातनी और हिन्दू नहीं”* (भाजपा पर साधा निशाना, कहा- “वोट से ही चोट करें!”)* /संवाददाता: देवानंद पांडेय संत कबीर नगर।
संत कबीर नगर। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने संत कबीर नगर में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने गौ-माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए कहा कि “जो लोग गाय को पशु मानते हैं, वे असली सनातनी हिन्दू नहीं हैं।” शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि “देश गाय को गौ-माता मानता है, लेकिन भाजपा उसे केवल पशु मानती है। देश का मुस्लिम समुदाय भी गौ-माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद भाजपा की 22 राज्यों में सरकार होने के बावजूद वह इसे स्वीकार नहीं कर रही है।” स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लोगों से आह्वान किया कि “यदि भाजपा इस मुद्दे पर अपना रुख नहीं बदलती है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से ‘वोट की चोट’ के जरिए जवाब दिया जाए।” उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या की हनुमानगढ़ी को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। शंकराचार्य ने कहा कि “हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। मेरा आरोप है कि राम मंदिर दान विवाद से ध्यान हटाने के लिए यह मुद्दा उठाया गया है।”
👉सपा का एजेंट कहे जाने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि “जब सरकार के पास सवालों का कोई असली जवाब नहीं होता है, तो सवाल उठाने वालों को सपाई, कांग्रेसी, नक्सली या राष्ट्र-द्रोही बताया जाता है।”






