
संत कबीर नगर। कुछ अराजक तत्वों द्वारा आए दिन किसी न किसी मस्जिद के नीचे मंदिर बताकर दंगा फसाद, मारपीट और उपद्रव किया जाता है तथा सीधी सादी जनता को बेवकूफ बना कर वोटों का ध्रुवीकरण किया जाता है।
उक्त विचार सपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष आफताब आलम खां ने अपने जनसंपर्क कार्यालय महुली में एक प्रेस वार्ता में व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम धर्म में मस्जिद की तामीर के सख्त मानक हैं।
उसे पूरा करने के बाद ही मस्जिद की तामीर होती है इसका पहला मानक है कि जिस जमीन पर मस्जिद की तामीर होना है वह जमीन निर्विवाद व हर तरह से पाक साफ होनी चाहिए। इसका दूसरा मानक है कि मस्जिद की तामीर में जो पैसा लगाया जाता है वह पैसा रासुल मॉल व हलाल तरीके से कमाया गया पैसा होना चाहिए,खैरात जकात फितरा सूद व ब्याज का पैसा मस्जिद की तामीर में नहीं लगाया जा सकता जो लोग मस्जिद बनवाते हैं वह लोग इसकी गहनता से जांच पड़ताल करते हैं तथा उक्त मानक को पूर्ण करने के बाद तब मस्जिद की तामीर की जाती है। मस्जिद इबादत करने के लिए बनाई जाती है जहां से अमन शांति भाईचारे त्याग व बलिदान का पैगाम दिया जाता है मस्जिद लड़ाई झगड़ा व दंगा फसाद करने के लिए नहीं होती है इसलिए यह कहना पूर्ण रूप से गलत व बेबुनियाद है कि कहीं भी किसी मंदिर को तोड़ कर के मस्जिद बनाई गई है। इस मौके पर सपा के वरिष्ठ नेता महमूद खान ,दलितों के नेता श्यामबली, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मुन्नी लाल सिंह, फिरोज शर्मा व अन्य लोग मौजूद रहे ।






