संत कबीर नगर। सपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष आफताब आलम खां ने केंद्र सरकार से गोवध पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध* लगाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ‘गौमाता हमारी संस्कृति, सभ्यता और आस्था का केंद्र है। इसकी रक्षा करना हर भारतीय का नैतिक और संवैधानिक धर्म है।”
महुली स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय पर प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि “देश के कई राज्यों में गोवध को लेकर अलग-अलग कानून हैं, जिससे तस्करों को फायदा मिलता है। जब तक पूरे देश में एक समान कानून बनाकर गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगेगा, तब तक गौमाता सुरक्षित नहीं हो सकती।”
*”गाय सिर्फ हिंदुओं की नहीं, सबकी माता हैं”*
आफताब आलम खां ने कहा कि _”गाय को लेकर सियासत नहीं होनी चाहिए। *गाय किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि सभी धर्मों के मानने वालों की माता है*। इस्लाम धर्म में भी बेजुबान जानवरों पर जुल्म करना हराम है। गाय दूध देती है, खेती में मदद करती है, गोबर-गोमूत्र से दवाइयां बनती हैं। यह अर्थव्यवस्था और पर्यावरण* दोनों के लिए जरूरी है।”_ *”राष्ट्रीय पशु घोषित हो गाय”*
पूर्व जि. पं. अध्यक्ष ने मांग की कि _”जिस तरह बाघ को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया गया है, उसी तरह गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। इससे गौ-संरक्षण को कानूनी मजबूती मिलेगी और गौ-तस्करी पर पूरी तरह रोक लगेगी। सरकार को *गौशालाओं की हालत सुधारनी* चाहिए और *गौ-पालकों को सब्सिडी* देनी चाहिए।”_
उन्होंने कहा कि _”कुछ अराजक तत्व गौ-हत्या के नाम पर मॉब लिंचिंग* करते हैं, जो कानून के खिलाफ है। सरकार सख्त कानून बनाए ताकि कोई भी *कानून हाथ में न ले*, लेकिन गौमाता की रक्षा भी हो।”
इस मौके पर सपा नेता महमूद खान, श्याम बाली, मुन्नी लाल सिंह व अन्य मौजूद रहे।






