संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त कृषकों को अवगत कराया कि दिनांक 16 जुलाई से 22 जुलाई तक “भूजल सप्ताह” मनाया जाएगा। इस वर्ष भूजल सप्ताह का मुख्य विचार बिंदु है “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प”।
भूजल सप्ताह का मुख्य उद्देश्य *”वर्षा जल” को संरक्षित करना* तथा जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने हेतु जन-जन को जागरूक करना है।
इस अभियान में किसानों से अपील की गई कि:-
👉पेड़-पौधों एवं फसलों की सिंचाई में आवश्यकतानुसार ही पानी का प्रयोग करें।
👉-फसलों की सिंचाई क्यारी बनाकर करें ।
👉बागवानी की सिंचाई हेतु ड्रिप विधि व फसलों हेतु स्प्रिंकलर विधि अपनाएं।
👉बगीचे में पानी सुबह ही दें ताकि वाष्पीकरण से होने वाला नुकसान कम हो।
👉जल की कमी वाले क्षेत्रों में कम पानी वाली फसलें बोएं।
👉खेतों की मेड़ों को मजबूत व ऊंचा करके खेत का पानी खेत में ही रिचार्ज होने दें।
आयोजित किसान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण हेतु कृषकों से आह्वान किया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त कृषकों एवं अधिकारीगणों को जल शपथ भी दिलाई और कहा कि हम सब मिलकर ‘जल आंदोलन’ को जन आंदोलन बनाएं।
*जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण हेतु किसान भाइयों से किया गया आह्वान* *16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक मनाया जाएगा भूजल सप्ताह* *{जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प: जिलाधिकारी}* संवाददाता देवानंद पांडेय
*जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण हेतु किसान भाइयों से किया गया आह्वान* *16 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक मनाया जाएगा भूजल सप्ताह* *{जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प: जिलाधिकारी}* संवाददाता देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त कृषकों को अवगत कराया कि दिनांक 16 जुलाई से 22 जुलाई तक “भूजल सप्ताह” मनाया जाएगा। इस वर्ष भूजल सप्ताह का मुख्य विचार बिंदु है “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प”।
भूजल सप्ताह का मुख्य उद्देश्य *”वर्षा जल” को संरक्षित करना* तथा जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने हेतु जन-जन को जागरूक करना है।
इस अभियान में किसानों से अपील की गई कि:-
👉पेड़-पौधों एवं फसलों की सिंचाई में आवश्यकतानुसार ही पानी का प्रयोग करें।
👉-फसलों की सिंचाई क्यारी बनाकर करें ।
👉बागवानी की सिंचाई हेतु ड्रिप विधि व फसलों हेतु स्प्रिंकलर विधि अपनाएं।
👉बगीचे में पानी सुबह ही दें ताकि वाष्पीकरण से होने वाला नुकसान कम हो।
👉जल की कमी वाले क्षेत्रों में कम पानी वाली फसलें बोएं।
👉खेतों की मेड़ों को मजबूत व ऊंचा करके खेत का पानी खेत में ही रिचार्ज होने दें।
आयोजित किसान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण हेतु कृषकों से आह्वान किया गया। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त कृषकों एवं अधिकारीगणों को जल शपथ भी दिलाई और कहा कि हम सब मिलकर ‘जल आंदोलन’ को जन आंदोलन बनाएं।






