गैस सिलेंडर खत्म होने की अफवाह से मची अफरा-तफरी, एजेंसियों पर लंबी कतारें; ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही संकट
अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो)
लखीमपुर खीरी। जनपद में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाह फैलते ही जिलेभर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह होते ही विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ईंधन संकट की आशंका की खबरें फैलने लगीं। इसी के चलते लोगों ने घबराकर गैस सिलेंडर भरवाने की होड़ मचा दी।
हालात यह रहे कि सुबह-सुबह ही एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोग लाइन में लग गए। कई जगहों पर धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली।
हालांकि, प्रशासन द्वारा गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की आधिकारिक कमी से इनकार किया जा रहा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही गैस आपूर्ति बाधित बताई जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि 40–45 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सिलेंडर मिल रहा है, जिससे खाना पकाना तक मुश्किल हो गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गैस सिलेंडर खत्म होने की अफवाह से मची अफरा-तफरी, एजेंसियों पर लंबी कतारें; ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही संकट
गैस सिलेंडर खत्म होने की अफवाह से मची अफरा-तफरी, एजेंसियों पर लंबी कतारें; ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही संकट
गैस सिलेंडर खत्म होने की अफवाह से मची अफरा-तफरी, एजेंसियों पर लंबी कतारें; ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही संकट
अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो)
लखीमपुर खीरी। जनपद में गैस सिलेंडर की कमी की अफवाह फैलते ही जिलेभर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुबह होते ही विभिन्न गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर ईंधन संकट की आशंका की खबरें फैलने लगीं। इसी के चलते लोगों ने घबराकर गैस सिलेंडर भरवाने की होड़ मचा दी।
हालात यह रहे कि सुबह-सुबह ही एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोग लाइन में लग गए। कई जगहों पर धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली।
हालांकि, प्रशासन द्वारा गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की आधिकारिक कमी से इनकार किया जा रहा है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही गैस आपूर्ति बाधित बताई जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि 40–45 दिनों के लंबे अंतराल के बाद सिलेंडर मिल रहा है, जिससे खाना पकाना तक मुश्किल हो गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





