Thursday, April 16, 2026

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बाघ के हमले में किसान की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश। अमरनाथ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो) 

बाघ के हमले में किसान की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश।

 

 

अमरनाथ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो)

 

 

लखीमपुर खीरी। सम्पूर्णानगर क्षेत्र के ग्राम चीमा फार्म मझरा पश्चिम में बाघ के हमले से एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रगट सिंह पुत्र दर्शन सिंह, निवासी चीमा फार्म के रूप में हुई है।

 

बताया जा रहा है कि प्रगट सिंह खेत में काम करने के बाद शाम को घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें गन्ने के खेत में खींच ले गया। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

 

सुबह खोजबीन के दौरान गन्ने के खेत की मेड़ पर उनकी चप्पल और गमछा मिला। आगे खेत के अंदर उनका अधखाया शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

 

इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की चहलकदमी की सूचना वन विभाग को दी जा रही थी, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।

 

वन विभाग ने मृतक के भाई को तत्काल सहायता के रूप में ₹10,000 की आर्थिक मदद दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल है और किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने इलाके में बाघ की निगरानी बढ़ा दी है।

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बाघ के हमले में किसान की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश। अमरनाथ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो) 

बाघ के हमले में किसान की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश।

 

 

अमरनाथ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ (ब्यूरो)

 

 

लखीमपुर खीरी। सम्पूर्णानगर क्षेत्र के ग्राम चीमा फार्म मझरा पश्चिम में बाघ के हमले से एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रगट सिंह पुत्र दर्शन सिंह, निवासी चीमा फार्म के रूप में हुई है।

 

बताया जा रहा है कि प्रगट सिंह खेत में काम करने के बाद शाम को घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाघ ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें गन्ने के खेत में खींच ले गया। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

 

सुबह खोजबीन के दौरान गन्ने के खेत की मेड़ पर उनकी चप्पल और गमछा मिला। आगे खेत के अंदर उनका अधखाया शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

 

इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की चहलकदमी की सूचना वन विभाग को दी जा रही थी, लेकिन समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।

 

वन विभाग ने मृतक के भाई को तत्काल सहायता के रूप में ₹10,000 की आर्थिक मदद दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल क्षेत्र में दहशत का माहौल है और किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। वन विभाग ने इलाके में बाघ की निगरानी बढ़ा दी है।

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