बस्ती। “
प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती” – इस उक्ति को सच साबित किया है दुबौलिया विकास खण्ड के ग्राम डेईहीहा बुजुर्ग निवासी अतुल चौधरी ने। ग्राम प्रधान अमरनाथ चौधरी के पुत्र अतुल ने NEET-UG परीक्षा में 550 अंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। अतुल ने सामान्य वर्ग में 37,000वीं रैंक और PWD श्रेणी में 35वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की है। परिणाम आते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाइयाँ बांटकर इस सफलता का जश्न मनाया।
इस सफलता को और विशेष बनाता है अतुल का संघर्ष। उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग के घर पर रहकर स्व-अध्ययन से यह मुकाम पाया। सीमित संसाधनों, अनुशासित दिनचर्या और अटूट आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। अपनी कामयाबी का श्रेय अतुल ने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा, “नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।”
शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने अतुल की इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरव बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखते हैं। सभी ने उम्मीद जताई कि अतुल भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
*बस्ती: ग्राम प्रधान के बेटे अतुल चौधरी ने NEET में किया कमाल, 550 अंक लाकर जिले का नाम रोशन किया* / संवाददाता: देवानंद पांडेय
*बस्ती: ग्राम प्रधान के बेटे अतुल चौधरी ने NEET में किया कमाल, 550 अंक लाकर जिले का नाम रोशन किया* / संवाददाता: देवानंद पांडेय
बस्ती। “
प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती” – इस उक्ति को सच साबित किया है दुबौलिया विकास खण्ड के ग्राम डेईहीहा बुजुर्ग निवासी अतुल चौधरी ने। ग्राम प्रधान अमरनाथ चौधरी के पुत्र अतुल ने NEET-UG परीक्षा में 550 अंक प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। अतुल ने सामान्य वर्ग में 37,000वीं रैंक और PWD श्रेणी में 35वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की है। परिणाम आते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाइयाँ बांटकर इस सफलता का जश्न मनाया।
इस सफलता को और विशेष बनाता है अतुल का संघर्ष। उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग के घर पर रहकर स्व-अध्ययन से यह मुकाम पाया। सीमित संसाधनों, अनुशासित दिनचर्या और अटूट आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। अपनी कामयाबी का श्रेय अतुल ने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा, “नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।”
शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों ने अतुल की इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरव बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखते हैं। सभी ने उम्मीद जताई कि अतुल भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।






