Saturday, June 20, 2026

National

spot_img

*”गंगा देवी कपिल देव तिवारी पी.जी. कालेज भुजैनी, संत कबीर नगर में ” वर्तमान शिक्षा में चुनौतियां एवं समाधान” पर अभिभावक- शिक्षक विचार संगोष्ठी का आयोजन”* संवाददाता देवानंद पांडेय

  • संत कबीर नगर। गंगा देवी कपिल देव तिवारी पी.जी. कॉलेज भुजैनी संत कबीर नगर के सभागार में “वर्तमान शिक्षा में चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर एक भव्य अभिभावक- शिक्षक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि “डॉ०विजय कृष्ण ओझा” पूर्व विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद संत कबीर नगर विशिष्ट अतिथि प्रो०विजय राय,अधिष्ठाता- शिक्षा संकाय सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर एवं महाविद्यालय के संस्थापक/प्रबंधक उदय राज तिवारी द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।संगोष्ठी में बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, चैतन्यशील अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
    संगोष्ठी के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ०संतोष कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिभाषण के माध्यम से परिचय कराया एवं महाविद्यालय की स्थापना, महाविद्यालय की उपलब्धियां एवं महाविद्यालय के आगामी लक्ष्य के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए अभिभावक-शिक्षक विचार संगोष्ठी के उद्देश्यों एवं इसमें अभिभावकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
    संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि प्रो० विजय कुमार राय ने कहा की नई शिक्षा-नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। हालांकि इसे धरातल पर उतारने में ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी और व्यावहारिक प्रशिक्षण जैसी कुछ प्रारंभिक चुनौतियां जरूर हैं।इन चुनौतियों का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों,बेहतर आधारभूत व्यवस्थाओं और शिक्षकों के निरंतर कौशल विकास से ही संभव है।
    महाविद्यालय के संस्थापक/प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा महाविद्यालय न केवल उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए संकल्पित है,बल्कि हम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का सृजन भी कर रहे हैं।वर्तमान शिक्षा-नीति को सफल बनाने हेतु शिक्षक अभिवावक साझेदारी सबसे मजबूत स्तंभ है।महाविद्यालय प्रशासन नई शिक्षा-नीति के अनुरूप हर आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्य अतिथि डॉ० विजयकृष्ण ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि आज की शिक्षा- नीति केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है,बल्कि यह छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है।वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती छात्रों को मानसिक तनाव से दूर रखकर रचनात्मकता से जोड़ना है।
    कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ० रंगनाथ तिवारी ने आए हुए सभी अतिथियों,प्रबुद्ध शिक्षाविदों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन हरिशंकर शुक्ला ने किया।

International

spot_img

*”गंगा देवी कपिल देव तिवारी पी.जी. कालेज भुजैनी, संत कबीर नगर में ” वर्तमान शिक्षा में चुनौतियां एवं समाधान” पर अभिभावक- शिक्षक विचार संगोष्ठी का आयोजन”* संवाददाता देवानंद पांडेय

  • संत कबीर नगर। गंगा देवी कपिल देव तिवारी पी.जी. कॉलेज भुजैनी संत कबीर नगर के सभागार में “वर्तमान शिक्षा में चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर एक भव्य अभिभावक- शिक्षक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि “डॉ०विजय कृष्ण ओझा” पूर्व विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग हीरालाल रामनिवास स्नातकोत्तर महाविद्यालय खलीलाबाद संत कबीर नगर विशिष्ट अतिथि प्रो०विजय राय,अधिष्ठाता- शिक्षा संकाय सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर एवं महाविद्यालय के संस्थापक/प्रबंधक उदय राज तिवारी द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।संगोष्ठी में बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक, चैतन्यशील अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
    संगोष्ठी के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ०संतोष कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत अभिभाषण के माध्यम से परिचय कराया एवं महाविद्यालय की स्थापना, महाविद्यालय की उपलब्धियां एवं महाविद्यालय के आगामी लक्ष्य के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए अभिभावक-शिक्षक विचार संगोष्ठी के उद्देश्यों एवं इसमें अभिभावकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
    संगोष्ठी को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि प्रो० विजय कुमार राय ने कहा की नई शिक्षा-नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। हालांकि इसे धरातल पर उतारने में ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी संसाधनों की कमी और व्यावहारिक प्रशिक्षण जैसी कुछ प्रारंभिक चुनौतियां जरूर हैं।इन चुनौतियों का समाधान केवल सामूहिक प्रयासों,बेहतर आधारभूत व्यवस्थाओं और शिक्षकों के निरंतर कौशल विकास से ही संभव है।
    महाविद्यालय के संस्थापक/प्रबंधक ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा महाविद्यालय न केवल उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए संकल्पित है,बल्कि हम विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का सृजन भी कर रहे हैं।वर्तमान शिक्षा-नीति को सफल बनाने हेतु शिक्षक अभिवावक साझेदारी सबसे मजबूत स्तंभ है।महाविद्यालय प्रशासन नई शिक्षा-नीति के अनुरूप हर आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्य अतिथि डॉ० विजयकृष्ण ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि आज की शिक्षा- नीति केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है,बल्कि यह छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर जोर देती है।वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती छात्रों को मानसिक तनाव से दूर रखकर रचनात्मकता से जोड़ना है।
    कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ० रंगनाथ तिवारी ने आए हुए सभी अतिथियों,प्रबुद्ध शिक्षाविदों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन हरिशंकर शुक्ला ने किया।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES