Sunday, June 21, 2026

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*एसडीएम की पैमाइश के बाद भी नहीं थमा भूमि विवाद, जमकर चले ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे: [कई लोग घायल, मोनू के पैर में गंभीर घाव; शांति भंग में दोनों पक्षों को भेजा गया न्यायालय]* /संवाददाता देवानंद पांडेय

बस्ती। जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद मंगलवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दोपहर करीब 12 बजे विवादित भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे चले। घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि मोनू उर्फ मुहम्मद समीम के पैर में गंभीर घाव हो गया। जानकारी के अनुसार, मोनू उर्फ मुहम्मद समीम व सूफिया खातून का मिथिलेश, चिंताहरण और चंदन पक्ष से भूमि को लेकर लगभग एक वर्ष से विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम के आदेश पर कई बार राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश और सीमांकन कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हो सका। पीड़ित पक्ष के अनुसार, प्रशासनिक आदेशों और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बावजूद विपक्षी पक्ष लगातार विवाद उत्पन्न करता रहा है। आरोप है कि आए दिन नाली का रास्ता रोका जाता था, निर्माण कार्य में बाधा डाली जाती थी तथा अंजाम भुगतने और “देख लेने” की धमकी दी जाती थी। इससे परिवार लगातार भय और तनाव के माहौल में जीवन यापन कर रहा था।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष को एक अधिवक्ता का संरक्षण प्राप्त होने के कारण वह प्रशासनिक आदेशों, राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि कई बार पैमाइश और सीमांकन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि को लेकर लगातार विवाद खड़ा करता रहा है।
मोनू का आरोप है कि मंगलवार को विपक्षी पक्ष द्वारा सूफिया खातून के शौचालय को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया जा रहा था। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलने लगे। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान मोनू उर्फ मुहम्मद समीम के पैर में गंभीर घाव हो गया, जिससे काफी मात्रा में खून बहने लगा। घटना में अन्य लोगों के भी घायल होने की सूचना है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में कई बार पैमाइश और सीमांकन कराए जाने के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल पाया है। बार-बार एक ही मामले में राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी पड़ रही है, जिससे विभागीय स्तर पर भी नाराजगी की चर्चा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, तहरीर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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*एसडीएम की पैमाइश के बाद भी नहीं थमा भूमि विवाद, जमकर चले ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे: [कई लोग घायल, मोनू के पैर में गंभीर घाव; शांति भंग में दोनों पक्षों को भेजा गया न्यायालय]* /संवाददाता देवानंद पांडेय

बस्ती। जनपद के लालगंज थाना क्षेत्र में लंबे समय से चला आ रहा भूमि विवाद मंगलवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दोपहर करीब 12 बजे विवादित भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे चले। घटना में कई लोग घायल हो गए, जबकि मोनू उर्फ मुहम्मद समीम के पैर में गंभीर घाव हो गया। जानकारी के अनुसार, मोनू उर्फ मुहम्मद समीम व सूफिया खातून का मिथिलेश, चिंताहरण और चंदन पक्ष से भूमि को लेकर लगभग एक वर्ष से विवाद चल रहा है। मामले में एसडीएम के आदेश पर कई बार राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश और सीमांकन कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद विवाद समाप्त नहीं हो सका। पीड़ित पक्ष के अनुसार, प्रशासनिक आदेशों और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बावजूद विपक्षी पक्ष लगातार विवाद उत्पन्न करता रहा है। आरोप है कि आए दिन नाली का रास्ता रोका जाता था, निर्माण कार्य में बाधा डाली जाती थी तथा अंजाम भुगतने और “देख लेने” की धमकी दी जाती थी। इससे परिवार लगातार भय और तनाव के माहौल में जीवन यापन कर रहा था।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि विपक्षी पक्ष को एक अधिवक्ता का संरक्षण प्राप्त होने के कारण वह प्रशासनिक आदेशों, राजस्व विभाग की पैमाइश रिपोर्ट और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि कई बार पैमाइश और सीमांकन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष विवादित भूमि को लेकर लगातार विवाद खड़ा करता रहा है।
मोनू का आरोप है कि मंगलवार को विपक्षी पक्ष द्वारा सूफिया खातून के शौचालय को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया जा रहा था। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलने लगे। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान मोनू उर्फ मुहम्मद समीम के पैर में गंभीर घाव हो गया, जिससे काफी मात्रा में खून बहने लगा। घटना में अन्य लोगों के भी घायल होने की सूचना है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए दोनों पक्षों के विरुद्ध शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में कई बार पैमाइश और सीमांकन कराए जाने के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल पाया है। बार-बार एक ही मामले में राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी पड़ रही है, जिससे विभागीय स्तर पर भी नाराजगी की चर्चा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, तहरीर और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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