
ब्यूरो – संतोष कुमार मित्रा
बेनकाब भ्रष्टाचार
जनपद -पीलीभीत हजारा क्षेत्र के ग्राम मुरैनियां में स्थित राजकीय पौधशाला का बीते बुधवार को बरेली मंडल के मुख्य उद्यान अधिकारी (डी.डी)व जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने किया था निरीक्षण जिसमे वर्तमान में तैनात नर्सरी इंचार्ज रविशंकर अपने दस्तावेज के साथ मौके पर नहीं मिले, नर्सरी के निरीक्षण में नर्सरी की साफ सफाई को देख अधिकारी बिफर पड़े और मौके पर मौजूद दैनिक कर्मियों की कार्य के प्रति शिथिलता को लेकर असंतुष्ट नजर आए उन्हें अपने कार्यशैली में बदलाव को दिए निर्देश
बताते चलें बीते बुधवार को बरेली मंडल के मुख्य उद्यान अधिकारी (डी. डी.) और जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह अपनी टीम के साथ मुरैनियाँ गांधी नगर में स्थिति राजकीय पौधशाला का निरीक्षण किया जिसमें मौके पर तैनात नर्सरी इंचार्ज रविशंकर मौके पर नहीं मिले मौके पर मौजूद दैनिक कर्मियों ने नाश्ते आदि का प्रबंध किया अधिकारियों की टीम ने नाश्ते आदि में समय व्यतीत न कर नर्सरी का बारीकी से चौतरफा निरीक्षण किया नर्सरी के बाग में खड़ी बड़ी बड़ी झाड़ियों तथा अव्यवस्थित साफ सफाई को देखकर डी.डी और डी.एच.ओ ने कड़ी नाराजगी जताई और नर्सरी में अतिरिक जमे पौधों को हटाने का निर्देश दिया तो वहीं मौजूद दैनिक कर्मियों को नर्सरी की व्यवस्थित साफ सफाई करने व कार्यशैली में में बदलाव की नसीहत दी है निरीक्षण टीम ने भी माना कि नर्सरी इंचार्ज की लापरवाही के कारण ही नर्सरी के दोनों छोर में झाड़ियां उगी हुई हैं जबकि लेबर सेक्शन पर्याप्त है!
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि नर्सरी ऑफिस के पास खंडहर में तब्दील हो चुके बिल्डिंग व पुराने नलकूप इंजन को कंडम घोषित कर नीलामी प्रक्रिया जल्द ही कराई जाएगी !
वहीं उच्च अधिकारियों के जाते ही 5 बजे छुट्टी के बाद रोजाना की भांति दैनिक कर्मी कटहल के नवीन कोपल (किल्ले) आदि को काट कर अपने पशुओं का चारा बना ले जाते हैं !
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया यदि इसी तरह कोपलों का चारा बनाया जाता रहा तो अगले वर्ष पेड़ों में फलों का आना बहुत ही मुश्किल है!
*उद्यान विभाग के मण्डल अधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी के निरीक्षण में नर्सरी इंचार्ज दस्तावेज सहित रहे नदारद!* *राजकीय पौधशाला मुरैनियाँ गांधी नगर नर्सरी में उगी झाड़ियों व अव्यवस्थित साफ सफाई को देखकर अधिकारियों ने जताई नाराजगी , दैनिक कर्मियों को कार्यशैली में बदलाव लाने की दी नसीहत*
*उद्यान विभाग के मण्डल अधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी के निरीक्षण में नर्सरी इंचार्ज दस्तावेज सहित रहे नदारद!* *राजकीय पौधशाला मुरैनियाँ गांधी नगर नर्सरी में उगी झाड़ियों व अव्यवस्थित साफ सफाई को देखकर अधिकारियों ने जताई नाराजगी , दैनिक कर्मियों को कार्यशैली में बदलाव लाने की दी नसीहत*

ब्यूरो – संतोष कुमार मित्रा
बेनकाब भ्रष्टाचार
जनपद -पीलीभीत हजारा क्षेत्र के ग्राम मुरैनियां में स्थित राजकीय पौधशाला का बीते बुधवार को बरेली मंडल के मुख्य उद्यान अधिकारी (डी.डी)व जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने किया था निरीक्षण जिसमे वर्तमान में तैनात नर्सरी इंचार्ज रविशंकर अपने दस्तावेज के साथ मौके पर नहीं मिले, नर्सरी के निरीक्षण में नर्सरी की साफ सफाई को देख अधिकारी बिफर पड़े और मौके पर मौजूद दैनिक कर्मियों की कार्य के प्रति शिथिलता को लेकर असंतुष्ट नजर आए उन्हें अपने कार्यशैली में बदलाव को दिए निर्देश
बताते चलें बीते बुधवार को बरेली मंडल के मुख्य उद्यान अधिकारी (डी. डी.) और जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह अपनी टीम के साथ मुरैनियाँ गांधी नगर में स्थिति राजकीय पौधशाला का निरीक्षण किया जिसमें मौके पर तैनात नर्सरी इंचार्ज रविशंकर मौके पर नहीं मिले मौके पर मौजूद दैनिक कर्मियों ने नाश्ते आदि का प्रबंध किया अधिकारियों की टीम ने नाश्ते आदि में समय व्यतीत न कर नर्सरी का बारीकी से चौतरफा निरीक्षण किया नर्सरी के बाग में खड़ी बड़ी बड़ी झाड़ियों तथा अव्यवस्थित साफ सफाई को देखकर डी.डी और डी.एच.ओ ने कड़ी नाराजगी जताई और नर्सरी में अतिरिक जमे पौधों को हटाने का निर्देश दिया तो वहीं मौजूद दैनिक कर्मियों को नर्सरी की व्यवस्थित साफ सफाई करने व कार्यशैली में में बदलाव की नसीहत दी है निरीक्षण टीम ने भी माना कि नर्सरी इंचार्ज की लापरवाही के कारण ही नर्सरी के दोनों छोर में झाड़ियां उगी हुई हैं जबकि लेबर सेक्शन पर्याप्त है!
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि नर्सरी ऑफिस के पास खंडहर में तब्दील हो चुके बिल्डिंग व पुराने नलकूप इंजन को कंडम घोषित कर नीलामी प्रक्रिया जल्द ही कराई जाएगी !
वहीं उच्च अधिकारियों के जाते ही 5 बजे छुट्टी के बाद रोजाना की भांति दैनिक कर्मी कटहल के नवीन कोपल (किल्ले) आदि को काट कर अपने पशुओं का चारा बना ले जाते हैं !
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया यदि इसी तरह कोपलों का चारा बनाया जाता रहा तो अगले वर्ष पेड़ों में फलों का आना बहुत ही मुश्किल है!






