Saturday, June 20, 2026

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*आमी नदी को प्रदूषणमुक्त कर पुनर्जीवित करने की मांग, मनोनीत सभासदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन* / जिला संवाददाता देवानंद पांडेय

संत कबीर नगर। सूफी संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा के निकट से होकर गुजरने वाली कबीर की अमिया के नाम से ऐतिहासिक आमी नदी के संरक्षण, सफाई एवं पुनर्जीवन देने की मनोनीत सभासदों ने सोमवार को जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। जिलाधिकारी ने सभासदों को आमी नदी की सफाई का आश्वासन दिया।
नगर पंचायत के मनोनीत सभासदगण गौरव निषाद एवं ई० अरूण गुप्ता ने कहा कि आमी नदी कभी क्षेत्र की जीवनदायिनी रही है।बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कबीर की अमिया आज प्रदूषण,अतिक्रमण और उपेक्षा का शिकार होकर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।यदि समय रहते इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह नदी केवल इतिहास बनकर रह जाएगी।सभासदों ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को दिए गए ज्ञापन में बताया कि आमी नदी का धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। संत कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर के निकट से होकर बहने वाली यह नदी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रही है। वर्तमान समय में नदी में गिर रहे गंदे नालों, कूड़ा-कचरे तथा जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव के कारण इसका जल प्रदूषित हो गया है। नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है।ज्ञापन में मांग की गई कि आमी नदी की व्यापक सफाई कराई जाए, नदी में गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल रोका जाए तथा जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को हटाकर जल प्रवाह को सुचारु बनाया जाए।सभासदों ने नदी संरक्षण के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाकर नियमित निगरानी की भी मांग की।सभासदों के सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुर्रहमान, विक्की खां का कहना है कि आमी नदी का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। नदी के स्वच्छ एवं जीवंत होने से भूजल स्तर में सुधार होगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा तथा क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।सभासदों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि आमी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसके पुनर्जीवन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नदी की खोई हुई पहचान वापस लाई जा सके। इस दौरान उपस्थित सभासदों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सहयोग से ही आमी नदी को पुनः स्वच्छ और अविरल बनाया जा सकता है।ज्ञापन सौंपने वालों में नगर पंचायत के मनोनीत सभासदगण गौरव निषाद, ई० अरुण कुमार गुप्ता और अब्दुर्रहमान, विक्की खां शामिल रहे।

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*आमी नदी को प्रदूषणमुक्त कर पुनर्जीवित करने की मांग, मनोनीत सभासदों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन* / जिला संवाददाता देवानंद पांडेय

संत कबीर नगर। सूफी संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा के निकट से होकर गुजरने वाली कबीर की अमिया के नाम से ऐतिहासिक आमी नदी के संरक्षण, सफाई एवं पुनर्जीवन देने की मनोनीत सभासदों ने सोमवार को जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। जिलाधिकारी ने सभासदों को आमी नदी की सफाई का आश्वासन दिया।
नगर पंचायत के मनोनीत सभासदगण गौरव निषाद एवं ई० अरूण गुप्ता ने कहा कि आमी नदी कभी क्षेत्र की जीवनदायिनी रही है।बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कबीर की अमिया आज प्रदूषण,अतिक्रमण और उपेक्षा का शिकार होकर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।यदि समय रहते इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह नदी केवल इतिहास बनकर रह जाएगी।सभासदों ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को दिए गए ज्ञापन में बताया कि आमी नदी का धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। संत कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली मगहर के निकट से होकर बहने वाली यह नदी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रही है। वर्तमान समय में नदी में गिर रहे गंदे नालों, कूड़ा-कचरे तथा जलकुंभी के अत्यधिक फैलाव के कारण इसका जल प्रदूषित हो गया है। नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है।ज्ञापन में मांग की गई कि आमी नदी की व्यापक सफाई कराई जाए, नदी में गिरने वाले गंदे नालों को तत्काल रोका जाए तथा जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को हटाकर जल प्रवाह को सुचारु बनाया जाए।सभासदों ने नदी संरक्षण के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाकर नियमित निगरानी की भी मांग की।सभासदों के सहयोगी सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुर्रहमान, विक्की खां का कहना है कि आमी नदी का पुनर्जीवन केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। नदी के स्वच्छ एवं जीवंत होने से भूजल स्तर में सुधार होगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा तथा क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।सभासदों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि आमी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने और उसके पुनर्जीवन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि नदी की खोई हुई पहचान वापस लाई जा सके। इस दौरान उपस्थित सभासदों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सहयोग से ही आमी नदी को पुनः स्वच्छ और अविरल बनाया जा सकता है।ज्ञापन सौंपने वालों में नगर पंचायत के मनोनीत सभासदगण गौरव निषाद, ई० अरुण कुमार गुप्ता और अब्दुर्रहमान, विक्की खां शामिल रहे।

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