
(ब्यूरो अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ खीरी)
सम्पूर्णानगर खीरी। मेडिकल नशे की बिक्री पर अंकुश लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी एवं थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने थाना सम्पूर्णानगर क्षेत्र के बसही स्थित शांति मेडिकल स्टोर समेत आसपास के मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर जांच-पड़ताल की।
छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, दवाइयों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के अभिलेख तथा प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जांच की गई। कार्रवाई की सूचना फैलते ही कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा प्रतिष्ठान बंद कर मौके से चले जाने की भी चर्चा रही।
संयुक्त कार्रवाई से मेडिकल नशे की अवैध बिक्री से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर निगरानी को लेकर इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
अब जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि निरीक्षण के दौरान क्या-क्या अनियमितताएं सामने आती हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ विभाग एवं पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
सम्पूर्णानगर व इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में मेडिकल नशे पर शिकंजा ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी व थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार की संयुक्त कार्रवाई, बसही व आसपास के क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप
सम्पूर्णानगर व इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में मेडिकल नशे पर शिकंजा ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी व थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार की संयुक्त कार्रवाई, बसही व आसपास के क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप

(ब्यूरो अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ खीरी)
सम्पूर्णानगर खीरी। मेडिकल नशे की बिक्री पर अंकुश लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी एवं थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने थाना सम्पूर्णानगर क्षेत्र के बसही स्थित शांति मेडिकल स्टोर समेत आसपास के मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर जांच-पड़ताल की।
छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, दवाइयों के स्टॉक, खरीद-बिक्री के अभिलेख तथा प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जांच की गई। कार्रवाई की सूचना फैलते ही कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा प्रतिष्ठान बंद कर मौके से चले जाने की भी चर्चा रही।
संयुक्त कार्रवाई से मेडिकल नशे की अवैध बिक्री से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र में प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की बिक्री पर निगरानी को लेकर इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
अब जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि निरीक्षण के दौरान क्या-क्या अनियमितताएं सामने आती हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ विभाग एवं पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।






