संत कबीर नगर। सपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष आफ़ताब आलम खां ने सरकार से मांग की है कि धार्मिक कार्यों का दायित्व देश के चारों शंकराचार्यों और अन्य साधु-संतों को सौंपा जाए। महुली स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि देश में चार-चार शंकराचार्य हैं जो सर्वश्रेष्ठ और महान हैं। इनके अलावा तमाम कुशल, योग्य और अनुभवी साधु-संत व महात्मा वेद-पुराणों के ज्ञाता हैं। धार्मिक कार्यों के संचालन में उन्हें पूर्ण दक्षता प्राप्त है। इसलिए सरकार को अपना काम करना चाहिए और साधु-संतों का काम साधु-संतों को सौंपना चाहिए। सरकार पर आरोप लगाते हुए
आफताब आलम खां ने कहा कि सरकार अपने दायित्वों को छोड़कर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश में गरीबी और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। महंगाई आसमान छू रही है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इतना ही नहीं वल्कि अपराधियों के हौसले बुलंद अपराधी अपराध करके वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं और सरकार व न्यायपालिका को चुनौती दे रहे हैं। यहां तक कि पढ़ा-लिखा नौजवान नौकरी और रोजगार के अभाव में भटक रहा है। पूरे मुल्क में त्राहि-त्राहि मची है। जबकि सरकार वोट और पैसे के लिए साधु-संतों के अधिकारों का हन कर रही है। राम मंदिर में अपने लोगों को सेट करने के साथ अन्य मंदिरों और धार्मिक जगहों पर कब्जा कर रही है। उन्होंने कहा कि चीन हमारे देश की जमीन पर कब्जा कर रहा है, लेकिन सरकार मूल मुद्दों से ध्यान भटकाकर धार्मिक मामलों में उलझी हुई है।
*”धार्मिक कार्यों का दायित्व शंकराचार्यों व संतों को सौंपे सरकार” :- आफताब आलम खां* (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, गरीबी-बेरोजगारी पर जताई चिंता)* /संवाददाता: देवानंद पांडेय
*”धार्मिक कार्यों का दायित्व शंकराचार्यों व संतों को सौंपे सरकार” :- आफताब आलम खां* (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, गरीबी-बेरोजगारी पर जताई चिंता)* /संवाददाता: देवानंद पांडेय
संत कबीर नगर। सपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष आफ़ताब आलम खां ने सरकार से मांग की है कि धार्मिक कार्यों का दायित्व देश के चारों शंकराचार्यों और अन्य साधु-संतों को सौंपा जाए। महुली स्थित अपने जनसंपर्क कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि देश में चार-चार शंकराचार्य हैं जो सर्वश्रेष्ठ और महान हैं। इनके अलावा तमाम कुशल, योग्य और अनुभवी साधु-संत व महात्मा वेद-पुराणों के ज्ञाता हैं। धार्मिक कार्यों के संचालन में उन्हें पूर्ण दक्षता प्राप्त है। इसलिए सरकार को अपना काम करना चाहिए और साधु-संतों का काम साधु-संतों को सौंपना चाहिए। सरकार पर आरोप लगाते हुए
आफताब आलम खां ने कहा कि सरकार अपने दायित्वों को छोड़कर धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश में गरीबी और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। महंगाई आसमान छू रही है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इतना ही नहीं वल्कि अपराधियों के हौसले बुलंद अपराधी अपराध करके वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं और सरकार व न्यायपालिका को चुनौती दे रहे हैं। यहां तक कि पढ़ा-लिखा नौजवान नौकरी और रोजगार के अभाव में भटक रहा है। पूरे मुल्क में त्राहि-त्राहि मची है। जबकि सरकार वोट और पैसे के लिए साधु-संतों के अधिकारों का हन कर रही है। राम मंदिर में अपने लोगों को सेट करने के साथ अन्य मंदिरों और धार्मिक जगहों पर कब्जा कर रही है। उन्होंने कहा कि चीन हमारे देश की जमीन पर कब्जा कर रहा है, लेकिन सरकार मूल मुद्दों से ध्यान भटकाकर धार्मिक मामलों में उलझी हुई है।






