संत कबीर नगर।
जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार, न्यायालय के आदेश की अनदेखी और मनमाने ढंग से कार्य करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर जांच कमेटी गठित कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने शिकायत में लिखा है कि बीएसए अमित कुमार सिंह तीन साल से जनपद में तैनात हैं और मनमाने तरीके से विद्यालयों का संचालन करा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार, अनाचार और जातिवाद का जहर घोलकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर सेवा मुक्त मध्याह्न भोजन समन्वयक को बहाल कर उनसे कार्य लिया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि जिलाधिकारी को संज्ञान में लिए बिना आउटसोर्सिंग कर्मचारियों एवं लेखाकारों के पटल परिवर्तित कर दिए गए। विदेशी डिग्री के आधार पर एक शिक्षिका का चयन विधिक रूप से निरस्त होने के बावजूद उसकी नियुक्ति करने का आरोप है। भवन विहीन और मानक विहीन विद्यालयों को मान्यता भी दे दी गई। जांच होने पर उन्हें तत्काल बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा। मनमाने फैसलों से शिक्षा विभाग की छवि धूमिल होने के साथ ही साथ छीछालेदर हो रही है।शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मांग की है कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक इस मामले का संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच कमेटी से बीएसए के कुकृत्यों की जांच कराएं और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई करें।
*बीएसए संत कबीर नगर पर भ्रष्टाचार और मनमानी के लगे गंभीर आरोप, सीएम-डीजी को भेजी शिकायत* *”तीन साल से अंगद के पैर की तरह जमे हैं बीएसए, जांच कर दंडात्मक कार्रवाई हो”: शिकायतकर्ता* जिला संवाददाता/ देवानंद पांडेय *संत कबीर नगर।*
*बीएसए संत कबीर नगर पर भ्रष्टाचार और मनमानी के लगे गंभीर आरोप, सीएम-डीजी को भेजी शिकायत* *”तीन साल से अंगद के पैर की तरह जमे हैं बीएसए, जांच कर दंडात्मक कार्रवाई हो”: शिकायतकर्ता* जिला संवाददाता/ देवानंद पांडेय *संत कबीर नगर।*
संत कबीर नगर।
जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह पर गंभीर भ्रष्टाचार, न्यायालय के आदेश की अनदेखी और मनमाने ढंग से कार्य करने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर जांच कमेटी गठित कर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने शिकायत में लिखा है कि बीएसए अमित कुमार सिंह तीन साल से जनपद में तैनात हैं और मनमाने तरीके से विद्यालयों का संचालन करा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार, अनाचार और जातिवाद का जहर घोलकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर सेवा मुक्त मध्याह्न भोजन समन्वयक को बहाल कर उनसे कार्य लिया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि जिलाधिकारी को संज्ञान में लिए बिना आउटसोर्सिंग कर्मचारियों एवं लेखाकारों के पटल परिवर्तित कर दिए गए। विदेशी डिग्री के आधार पर एक शिक्षिका का चयन विधिक रूप से निरस्त होने के बावजूद उसकी नियुक्ति करने का आरोप है। भवन विहीन और मानक विहीन विद्यालयों को मान्यता भी दे दी गई। जांच होने पर उन्हें तत्काल बंद करने का आदेश जारी करना पड़ा। मनमाने फैसलों से शिक्षा विभाग की छवि धूमिल होने के साथ ही साथ छीछालेदर हो रही है।शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मांग की है कि मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक इस मामले का संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच कमेटी से बीएसए के कुकृत्यों की जांच कराएं और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई करें।






