(ब्यूरो खीरी) अमरनाथ /बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़।
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसान गर्मी से बेहाल हैं, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में जनपद लखीमपुर खीरी के प्रत्येक नागरिक को जीव संरक्षण और मानवता की मिसाल पेश करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों द्वारा सार्वजनिक, सुरक्षित एवं सुगम स्थानों पर पानी से भरे नाद (जल पात्र) और परिंडे रखवाने की पहल की जानी चाहिए, ताकि आवारा पशु, गौवंश, कुत्ते तथा पक्षियों को भीषण गर्मी में पीने योग्य पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। पंचायत स्तर पर दर्जनों स्थानों पर जल पात्र स्थापित किए जाने से हजारों बेजुबान जीवों को राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सबसे अधिक परेशानी पशु-पक्षियों को उठानी पड़ती है। कई बार पानी के अभाव में उनकी जान तक चली जाती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर अपने घर, दुकान, खेत और छतों पर पानी से भरे छोटे पात्र रखने चाहिए। यदि हर घर एक परिंडा और एक जल पात्र रख दे, तो यह जीवों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
समाजसेवियों का कहना है कि जीवों पर दया करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास न केवल पशु-पक्षियों को जीवन देंगे, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता का संदेश भी फैलाएंगे। भीषण गर्मी में यह पहल बेजुबान जीवों के लिए राहत और इंसानियत की मिसाल बन सकती है।
भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए जल पात्र रखने की जरूरत, पंचायत स्तर पर पहल की मांग।
भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए जल पात्र रखने की जरूरत, पंचायत स्तर पर पहल की मांग।
(ब्यूरो खीरी) अमरनाथ /बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़।
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जहां इंसान गर्मी से बेहाल हैं, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने भी पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ऐसे कठिन समय में जनपद लखीमपुर खीरी के प्रत्येक नागरिक को जीव संरक्षण और मानवता की मिसाल पेश करने की आवश्यकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों द्वारा सार्वजनिक, सुरक्षित एवं सुगम स्थानों पर पानी से भरे नाद (जल पात्र) और परिंडे रखवाने की पहल की जानी चाहिए, ताकि आवारा पशु, गौवंश, कुत्ते तथा पक्षियों को भीषण गर्मी में पीने योग्य पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। पंचायत स्तर पर दर्जनों स्थानों पर जल पात्र स्थापित किए जाने से हजारों बेजुबान जीवों को राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सबसे अधिक परेशानी पशु-पक्षियों को उठानी पड़ती है। कई बार पानी के अभाव में उनकी जान तक चली जाती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर अपने घर, दुकान, खेत और छतों पर पानी से भरे छोटे पात्र रखने चाहिए। यदि हर घर एक परिंडा और एक जल पात्र रख दे, तो यह जीवों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।
समाजसेवियों का कहना है कि जीवों पर दया करना सबसे बड़ा मानव धर्म है। इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास न केवल पशु-पक्षियों को जीवन देंगे, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता का संदेश भी फैलाएंगे। भीषण गर्मी में यह पहल बेजुबान जीवों के लिए राहत और इंसानियत की मिसाल बन सकती है।






