।। रिपोर्ट – प्रदेश संवाददाता पत्रकार अतुल कुमार तिवारी ।।
जौनपुर
आज़म खान और अब्दुल्लाह आज़म ख़ान की रिहाई के लिए मोहम्मद अरशद खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा मार्मिक पत्र
जौनपुर,
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावनात्मक, ऐतिहासिक एवं संवैधानिक पत्र लिखकर वरिष्ठ समाजवादी नेता मोहम्मद आज़म ख़ान एवं उनके पुत्र अब्दुल्लाह आज़म ख़ान की सम्मानजनक रिहाई तथा पूर्ण संवैधानिक एवं विधिक न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
अपने पत्र में मोहम्मद अरशद खान ने कहा कि यह अपील केवल दो व्यक्तियों की स्वतंत्रता का विषय नहीं है, बल्कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन और न्याय की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र संविधान द्वारा प्रदत्त समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14) और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 21) जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है, जिनकी रक्षा करना प्रत्येक संवैधानिक पदाधिकारी की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि मोहम्मद आज़म ख़ान लगभग पाँच दशकों से भारतीय राजनीति के एक प्रमुख और ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं। उन्होंने दस बार विधायक, दो बार सांसद, चार बार कैबिनेट मंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य करते हुए जनसेवा, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मोहम्मद अरशद खान ने यह भी कहा कि वर्ष 2019 के बाद अचानक बड़ी संख्या में मामलों का दर्ज होना विधिक निष्पक्षता, प्राकृतिक न्याय और लोकतांत्रिक पारदर्शिता के संदर्भ में गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि न्याय केवल किया ही न जाए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए—यही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है।
अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे अपने संवैधानिक दायित्व, नैतिक नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण का प्रयोग करते हुए संबंधित संस्थाओं को प्रेरित करें, ताकि मोहम्मद आज़म ख़ान और अब्दुल्लाह आज़म ख़ान को निष्पक्ष, पारदर्शी और संविधानसम्मत न्याय प्राप्त हो सके तथा उनकी सम्मानजनक रिहाई का विधिक मार्ग प्रशस्त किया जा सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत संविधान, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ेगा, और न्यायपूर्ण निर्णय भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
अंत में मोहम्मद अरशद खान ने प्रधानमंत्री के लिए ईश्वर से सत्य, न्याय और निष्पक्षता के अनुरूप निर्णय लेने की शक्ति और विवेक प्रदान करने की प्रार्थना की है।





