

(ब्यूरो अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ खीरी)
संपूर्णा नगर खीरी। सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन का ध्यान संपूर्ण नगर, जनपद खीरी स्थित *इंदिरा शिक्षा निकेतन* विद्यालय के बच्चों के परिवहन की ओर गया है, जहाँ बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
संलग्न चित्र में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे ई-रिक्शा के पिछले हिस्से पर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के बैठे हुए हैं। यात्रा के दौरान यदि अचानक ब्रेक लग जाए, वाहन असंतुलित हो जाए या कोई सड़क दुर्घटना हो जाए, तो इन बच्चों के साथ गंभीर हादसा हो सकता है।
और भी चिंता का विषय यह है कि इसी रिक्शे में विद्यालय की एक अध्यापिका भी मौजूद हैं, इसके बावजूद बच्चों को सुरक्षित ढंग से बैठाने की व्यवस्था नहीं की गई। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती है।
**सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन** जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग तथा विद्यालय प्रबंधन से मांग करता है कि:
* इस मामले की तत्काल जांच कराई जाए।
* विद्यालय में बच्चों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
* भविष्य में किसी भी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी तथा असुरक्षित तरीके से बच्चों को बैठाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
* सभी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए जाएं।
हमारा उद्देश्य किसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एक छोटी-सी लापरवाही किसी मासूम की जान पर भारी पड़ सकती है। इसलिए समय रहते सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
**जारीकर्ता:**
**सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन**
*”शिक्षित विचार • संवेदनशील समाज • सशक्त भारत”*
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ हो रही गंभीर लापरवाही पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग*
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ हो रही गंभीर लापरवाही पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग*


(ब्यूरो अमरनाथ/बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़ खीरी)
संपूर्णा नगर खीरी। सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन का ध्यान संपूर्ण नगर, जनपद खीरी स्थित *इंदिरा शिक्षा निकेतन* विद्यालय के बच्चों के परिवहन की ओर गया है, जहाँ बच्चों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
संलग्न चित्र में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे ई-रिक्शा के पिछले हिस्से पर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के बैठे हुए हैं। यात्रा के दौरान यदि अचानक ब्रेक लग जाए, वाहन असंतुलित हो जाए या कोई सड़क दुर्घटना हो जाए, तो इन बच्चों के साथ गंभीर हादसा हो सकता है।
और भी चिंता का विषय यह है कि इसी रिक्शे में विद्यालय की एक अध्यापिका भी मौजूद हैं, इसके बावजूद बच्चों को सुरक्षित ढंग से बैठाने की व्यवस्था नहीं की गई। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती है।
**सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन** जिला प्रशासन, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग तथा विद्यालय प्रबंधन से मांग करता है कि:
* इस मामले की तत्काल जांच कराई जाए।
* विद्यालय में बच्चों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
* भविष्य में किसी भी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी तथा असुरक्षित तरीके से बच्चों को बैठाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
* सभी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए जाएं।
हमारा उद्देश्य किसी संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एक छोटी-सी लापरवाही किसी मासूम की जान पर भारी पड़ सकती है। इसलिए समय रहते सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
**जारीकर्ता:**
**सांझा सहयोग इंडिया फाउंडेशन**
*”शिक्षित विचार • संवेदनशील समाज • सशक्त भारत”*






