Saturday, June 20, 2026

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बड़ागांव में चकबंदी विवाद: हाईकोर्ट के निर्देश पर विवादित भूमि पर कार्य रोकने का आदेश।


बड़ागांव में चकबंदी विवाद: हाईकोर्ट के निर्देश पर विवादित भूमि पर कार्य रोकने का आदेश।

बिल्थरारोड। क्षेत्र के पिपरौली बड़ागांव में चल रहे चकबंदी प्रक्रिया के दौरान चकबंदी विभाग के तहसील कर्मचारियों द्वारा एकसार मौजे में एक महिला के बैनामे की जमीन को अनुसूचित आबादी करने के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश को संज्ञान में लेते हुए चकबंदी अधिकारी ने संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को कोई कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि अभी मामला डीडीसी न्यायालय में विचाराधीन है। जानकारी के अनुसार नबीउन निशा और उनके पुत्र एनुल हक द्वारा एक व्यक्ति से गाटा संख्या 762 में रकबा0.372 हेक्टेयर बैनामा लिया गया था। चकबंदी के दौरान इनकी जमीन को पर्चा 23 में उसी स्थान पर रखा गया था। पीड़ित काश्तकार का आरोप है कि बाद में गांव के एक व्यक्ति उमेश अम्बेडकर ने जनप्रतिनिधि से मिलकर चकबंदी विभाग के सीओ और अन्य कर्मचारी द्वारा पूर्व में गाटा संख्या 999/2 रकबा 0.372 हेक्टेयर आबादी काटा गया था। जिसको उमेश अम्बेडकर द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से चकबंदी अधिकारी पर दबाव देकर पुरानी आबादी को निरस्त करके हमारे बैनामे की जमीन गाटा संख्या 762 रकबा 0.372 को अनुसूचित आबादी सुरक्षित कर दिया गया है। उमेश अम्बेडकर द्वारा चकबंदी अधिकारी पर दबाव देकर संबधित लेखपाल से नापी कराने में अमादा है। सीओने हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत सहायक चकबंदी अधिकारी , कानूनगो बेल्थरारोड को आवश्यक कारवाई करने के साथ ही उक्त जमीन पर कोई कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है। इस मामले में सभासद / समाजसेवी मोहम्मद सद्दाम का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को किसी के कहने पर इस तरह का कार्य करना अनुचित है।

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बिल्थरारोड। क्षेत्र के पिपरौली बड़ागांव में चल रहे चकबंदी प्रक्रिया के दौरान चकबंदी विभाग के तहसील कर्मचारियों द्वारा एकसार मौजे में एक महिला के बैनामे की जमीन को अनुसूचित आबादी करने के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश को संज्ञान में लेते हुए चकबंदी अधिकारी ने संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को कोई कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि अभी मामला डीडीसी न्यायालय में विचाराधीन है। जानकारी के अनुसार नबीउन निशा और उनके पुत्र एनुल हक द्वारा एक व्यक्ति से गाटा संख्या 762 में रकबा0.372 हेक्टेयर बैनामा लिया गया था। चकबंदी के दौरान इनकी जमीन को पर्चा 23 में उसी स्थान पर रखा गया था। पीड़ित काश्तकार का आरोप है कि बाद में गांव के एक व्यक्ति उमेश अम्बेडकर ने जनप्रतिनिधि से मिलकर चकबंदी विभाग के सीओ और अन्य कर्मचारी द्वारा पूर्व में गाटा संख्या 999/2 रकबा 0.372 हेक्टेयर आबादी काटा गया था। जिसको उमेश अम्बेडकर द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से चकबंदी अधिकारी पर दबाव देकर पुरानी आबादी को निरस्त करके हमारे बैनामे की जमीन गाटा संख्या 762 रकबा 0.372 को अनुसूचित आबादी सुरक्षित कर दिया गया है। उमेश अम्बेडकर द्वारा चकबंदी अधिकारी पर दबाव देकर संबधित लेखपाल से नापी कराने में अमादा है। सीओने हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत सहायक चकबंदी अधिकारी , कानूनगो बेल्थरारोड को आवश्यक कारवाई करने के साथ ही उक्त जमीन पर कोई कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है। इस मामले में सभासद / समाजसेवी मोहम्मद सद्दाम का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को किसी के कहने पर इस तरह का कार्य करना अनुचित है।

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