Saturday, June 20, 2026

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नेपाल सरकार काला कानून बंद करो,भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारियों की हुंकार “सीमावर्ती व्यापार बचाओ, व्यापारियों ने, व्यापारी एकता ज़िंदाबाद” के नारे लगाए।


(ब्यूरो खीरी) अमरनाथ/ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़।

लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर बसे व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। नेपाल सरकार द्वारा ₹100 से अधिक के सामान पर लगाए गए भारी टैक्स (भंसार) और विभिन्न प्रतिबंधों से सीमावर्ती क्षेत्रों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसका असर बनगवां, सूडा, चंदन चौकी, बसही, खजुरिया, सम्पूर्णानगर, तिकुनिया सहित कई बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है।

दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट रही है, कारोबार धीमा पड़ता जा रहा है और हजारों व्यापारियों व उनके परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे भारत-नेपाल के आपसी व्यापारिक संबंध और भाईचारे की भावना पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर नगर उद्योग व्यापार मंडल पलिया कलां (खीरी) एवं सीमा क्षेत्र की विभिन्न व्यापारिक इकाइयों ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की है। व्यापारियों ने भारत सरकार और माननीय प्रधानमंत्री से मांग की है कि नेपाल सरकार से तत्काल वार्ता कर सीमावर्ती व्यापारियों को राहत दिलाई जाए तथा पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।

व्यापारियों का कहना है कि यह केवल व्यापार की लड़ाई नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सम्मान, रोजगार और अस्तित्व की लड़ाई है। सीमा क्षेत्र का हर व्यापारी अब एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार है।

International

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नेपाल सरकार काला कानून बंद करो,भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारियों की हुंकार “सीमावर्ती व्यापार बचाओ, व्यापारियों ने, व्यापारी एकता ज़िंदाबाद” के नारे लगाए।


(ब्यूरो खीरी) अमरनाथ/ बेनकाब भ्रष्टाचार न्यूज़।

लखीमपुर खीरी। भारत-नेपाल सीमा पर बसे व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। नेपाल सरकार द्वारा ₹100 से अधिक के सामान पर लगाए गए भारी टैक्स (भंसार) और विभिन्न प्रतिबंधों से सीमावर्ती क्षेत्रों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसका असर बनगवां, सूडा, चंदन चौकी, बसही, खजुरिया, सम्पूर्णानगर, तिकुनिया सहित कई बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है।

दुकानों पर ग्राहकों की संख्या घट रही है, कारोबार धीमा पड़ता जा रहा है और हजारों व्यापारियों व उनके परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे भारत-नेपाल के आपसी व्यापारिक संबंध और भाईचारे की भावना पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर नगर उद्योग व्यापार मंडल पलिया कलां (खीरी) एवं सीमा क्षेत्र की विभिन्न व्यापारिक इकाइयों ने एकजुट होकर आवाज़ बुलंद की है। व्यापारियों ने भारत सरकार और माननीय प्रधानमंत्री से मांग की है कि नेपाल सरकार से तत्काल वार्ता कर सीमावर्ती व्यापारियों को राहत दिलाई जाए तथा पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।

व्यापारियों का कहना है कि यह केवल व्यापार की लड़ाई नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सम्मान, रोजगार और अस्तित्व की लड़ाई है। सीमा क्षेत्र का हर व्यापारी अब एक मंच पर आकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार है।

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