Saturday, February 21, 2026

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स्कूल खेल मैदान में व्यवसायिक मेला लगाने हेतु अनुमति नही ली गयी है- डीआइओएस देवेन्द्र गुप्ता

बिल्थरारोड। नगर के जीएम ए एम इण्टर कालेज द्वारा नियम के विरूद्ध विद्यालय प्रांगण को व्यवसाय के रूप में प्रयोग करने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों की माने तो विद्यालय प्रांगण में विद्यालय परिवार द्वारा दुबई मेला लगाने के नाम पर मेला संचालक को दिया गया हैं।

वही मेला संचालक द्वारा मेले के बाहर प्रांगण में गुब्बारे, खिलौने व भुजा बेच रहे गरीब दुकानदारों से 50 रुपये के हिसाब से प्रतिदिन वसूली की जा रही है। दुकानदार के अनुसार समान नही बेच पाने के बाद भी मनमाने ढंग से वसूली की जाती है। सूत्रों की माने तो विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यालय के जमीन में कई दुकान बनाकर आवंटित किया गया है। साथ ही विद्यालय के पोखरे को भी मछली पालन हेतु एक व्यक्ति को पट्टा किया गया है। नियम के अनुसार विद्यालय का व्यावसायिक प्रयोग नही किया जा सकता है। 

पूर्व में भी इस विद्यालय में तथ्य को छिपाकर अल्पसंख्यक के नाम पर हुए नियुक्तियों पर सवालिया निशान लग चुका है। विद्यालय के खेल मैदान में मेला लगाने की अनुमति मिलने व गैर कानूनी वसूली करने का मामला प्रकाश में आने पर एसपी द्वारा सम्बन्धित थाने को इसकी जांचकर आवश्यक करवाई का निर्देश दिया गया है। वही एसडीएम ने शरद चौधरी ने बताया कि मेरे संज्ञान में नही है। विद्यालय के प्रिंसिपल मोबिन अहमद का कहना है कि एसडीएम और उभांव थानाध्यक्ष की अनुमति मिली है। जब जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र गुप्ता से व्यवसायिक मेले के सम्बंध में बात किया गया तो उनका कहना था कि मेरे द्वारा कोई अनुमति नही दी गयी है। इसकी जांच करा रहे हैं।

 

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स्कूल खेल मैदान में व्यवसायिक मेला लगाने हेतु अनुमति नही ली गयी है- डीआइओएस देवेन्द्र गुप्ता

बिल्थरारोड। नगर के जीएम ए एम इण्टर कालेज द्वारा नियम के विरूद्ध विद्यालय प्रांगण को व्यवसाय के रूप में प्रयोग करने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों की माने तो विद्यालय प्रांगण में विद्यालय परिवार द्वारा दुबई मेला लगाने के नाम पर मेला संचालक को दिया गया हैं।

वही मेला संचालक द्वारा मेले के बाहर प्रांगण में गुब्बारे, खिलौने व भुजा बेच रहे गरीब दुकानदारों से 50 रुपये के हिसाब से प्रतिदिन वसूली की जा रही है। दुकानदार के अनुसार समान नही बेच पाने के बाद भी मनमाने ढंग से वसूली की जाती है। सूत्रों की माने तो विद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यालय के जमीन में कई दुकान बनाकर आवंटित किया गया है। साथ ही विद्यालय के पोखरे को भी मछली पालन हेतु एक व्यक्ति को पट्टा किया गया है। नियम के अनुसार विद्यालय का व्यावसायिक प्रयोग नही किया जा सकता है। 

पूर्व में भी इस विद्यालय में तथ्य को छिपाकर अल्पसंख्यक के नाम पर हुए नियुक्तियों पर सवालिया निशान लग चुका है। विद्यालय के खेल मैदान में मेला लगाने की अनुमति मिलने व गैर कानूनी वसूली करने का मामला प्रकाश में आने पर एसपी द्वारा सम्बन्धित थाने को इसकी जांचकर आवश्यक करवाई का निर्देश दिया गया है। वही एसडीएम ने शरद चौधरी ने बताया कि मेरे संज्ञान में नही है। विद्यालय के प्रिंसिपल मोबिन अहमद का कहना है कि एसडीएम और उभांव थानाध्यक्ष की अनुमति मिली है। जब जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र गुप्ता से व्यवसायिक मेले के सम्बंध में बात किया गया तो उनका कहना था कि मेरे द्वारा कोई अनुमति नही दी गयी है। इसकी जांच करा रहे हैं।

 

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