रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ
बेनकाब भ्रष्टाचार
अंबेडकर नगर
*तहसील आलापुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का प्रशिक्षण आयोजित*
अंबेडकरनगर l जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर के निर्देश पर आज तहसील आलापुर सभागार में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का संयुक्त प्रशिक्षण एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित, समन्वित एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपील की कि वे आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा आमजन को समय पर सहायता उपलब्ध कराएं प्रशिक्षण के दौरान बाढ़ पूर्व तैयारी, बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली सावधानियां, राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध बचाव उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग तथा आपदा के समय स्वयंसेवकों के कर्तव्यों एवं दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को बताया गया कि जलभराव अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें, विद्युत तारों एवं बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया प्रशिक्षण में लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रस्सी, स्ट्रेचर, टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट सहित अन्य आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों का परिचय कराया गया तथा उनके सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि आपदा के समय उनका व्यवहार धैर्यपूर्ण, संवेदनशील एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण होना चाहिए तथा प्रभावित लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए प्रशासन एवं जनता के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों द्वारा सभी सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों को सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान हृदय गति एवं श्वास रुकने की स्थिति में जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार, चेस्ट कंप्रेशन की सही तकनीक तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सीपीआर के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों की तत्काल सहायता की जा सके पुलिस विभाग द्वारा आपदा के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षित निकासी, भीड़ नियंत्रण तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गएप्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों से अपेक्षा की गई कि वे प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग आपदा की स्थिति में पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ करते हुए जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करेंगे।
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ बेनकाब भ्रष्टाचार अंबेडकर नगर *तहसील आलापुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का प्रशिक्षण आयोजित*
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ बेनकाब भ्रष्टाचार अंबेडकर नगर *तहसील आलापुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का प्रशिक्षण आयोजित*
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ
बेनकाब भ्रष्टाचार
अंबेडकर नगर
*तहसील आलापुर में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का प्रशिक्षण आयोजित*
अंबेडकरनगर l जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर के निर्देश पर आज तहसील आलापुर सभागार में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों का संयुक्त प्रशिक्षण एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित, समन्वित एवं मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से अपील की कि वे आपदा की स्थिति में प्रशासन के साथ पूर्ण समन्वय बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा आमजन को समय पर सहायता उपलब्ध कराएं प्रशिक्षण के दौरान बाढ़ पूर्व तैयारी, बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली सावधानियां, राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली, उपलब्ध बचाव उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग तथा आपदा के समय स्वयंसेवकों के कर्तव्यों एवं दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को बताया गया कि जलभराव अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें, विद्युत तारों एवं बिजली के खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांगजनों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया प्रशिक्षण में लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रस्सी, स्ट्रेचर, टॉर्च, प्राथमिक उपचार किट सहित अन्य आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों का परिचय कराया गया तथा उनके सुरक्षित उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। स्वयंसेवकों को यह भी बताया गया कि आपदा के समय उनका व्यवहार धैर्यपूर्ण, संवेदनशील एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण होना चाहिए तथा प्रभावित लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए प्रशासन एवं जनता के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों द्वारा सभी सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स एवं आपदा मित्रों को सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान हृदय गति एवं श्वास रुकने की स्थिति में जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार, चेस्ट कंप्रेशन की सही तकनीक तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सीपीआर के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों की तत्काल सहायता की जा सके पुलिस विभाग द्वारा आपदा के समय कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षित निकासी, भीड़ नियंत्रण तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गएप्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों से अपेक्षा की गई कि वे प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग आपदा की स्थिति में पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ करते हुए जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करेंगे।






