रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ
बेनकाब भ्रष्टाचार
अंबेडकर नगर
*विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन*
अंबेडकरनगर l उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2026-27 के अनुपालन में चन्द्रोदय कुमार, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार एवं नीलम वर्मा, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरणअम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार 07.08. 2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर में डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर, डा० हर्षित गुप्ता, जिला चिकित्सालय प्रबन्धक, श्रीराम चन्द्र वर्मा, वरिष्ठ नामिका अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण, पी०एल०वी० एवं जिला चिकित्सालय के कर्मचारीगण आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया जागरूकता शिविर में स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुये डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि विश्व स्तनपान सप्ताह प्रत्येक वर्ष अगस्त माह के प्रथम सप्ताह 01 अगस्त से दिनांक 07 अगस्त तक मनाया जाता है इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान एवं कार्यों को दृढतापूर्वक एकसाथ करने का समर्थन देता है साथ ही इसका उद्देश्य है कामकाजी महिलाओं को उनके स्तनपान सम्बन्धी अधिकार के प्रति जागरूकता प्रदान करना साथ ही कार्यालयों में भी इस प्रकार का माहौल बनाना कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधाएं न हो डब्ल्यूएचओ की सिफारिश के अनुसार नवजात शिशु के लिये पीला गाढ़ा चिपचिपा युक्त मां के स्तन का दूध कोलेस्ट्रम सम्पूर्ण आहार होता है जिसे बच्चे के जन्म के तुरन्त बाद 1 घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिये सामान्यतः बच्चे को 06 महीने की अवस्था तक स्तनपान कराने की अनुशंसा की जाती है शिशु को 6 महीने की अवस्था और 02 वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिये स्तन में दूध पैदा होना नैसर्गिक प्रक्रिया है। स्तनपान से होने वाले फायदेः स्तनपान कराने से मां एवं शिशु दोनों को फायदा होता है जैसे शिशु के लिये सर्वोत्त्म आहार होता है मां का दूध, मां के दूध में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रम शिशु को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है, शिशु को रोगों से बचाता है, शिशु की वृद्धि अच्छे से होती है। मां के दूध मेंलेक्टोर्फोमिन नामक तत्व होता है, जो बच्चे की आंत में लौह तत्व को बांध लेता है लौह तत्व के अभाव में शिशु की आंत में रोगाणु नहीं पनप पाते। वैसे तो स्तनपान एक स्वाभाविक प्रकिया है परन्तु पहली बार मां बनने वाली माताओं को शुरू में स्तनपान कराने हेतु सहायता की आवश्यकता होती है। स्तनपान के बारे में सही ज्ञान के अभाव में बच्चों में कुपोषण रोग एवं संक्रमण से दस्त होने की संभावना हो सकती हैवर्ष 2026 हेतु विश्व स्तनपान दिवस की थीम है “जीवन की सतत शुरुआत के लिए स्तनपानः प्रभावी उपायों को सुदृढ़ बनाएं।नीलम वर्मा, सचिव(पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,अम्बेडकरनगर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार दिनांक 01 अगस्त से दिनांक 30 दिसम्बर 2026 तक चलने वाले राष्ट्र के लिये मध्यस्थता अभियान 3.0 के विषय में एवं दिनांक 12.09.2025 को जनपद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में जानकारी दी गई।
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ बेनकाब भ्रष्टाचार अंबेडकर नगर *विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन*
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ बेनकाब भ्रष्टाचार अंबेडकर नगर *विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन*
रमाकांत पांडे ब्यूरो चीफ
बेनकाब भ्रष्टाचार
अंबेडकर नगर
*विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन*
अंबेडकरनगर l उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2026-27 के अनुपालन में चन्द्रोदय कुमार, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के आदेशानुसार एवं नीलम वर्मा, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरणअम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार 07.08. 2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर में डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर, डा० हर्षित गुप्ता, जिला चिकित्सालय प्रबन्धक, श्रीराम चन्द्र वर्मा, वरिष्ठ नामिका अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण, पी०एल०वी० एवं जिला चिकित्सालय के कर्मचारीगण आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया जागरूकता शिविर में स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुये डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि विश्व स्तनपान सप्ताह प्रत्येक वर्ष अगस्त माह के प्रथम सप्ताह 01 अगस्त से दिनांक 07 अगस्त तक मनाया जाता है इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान एवं कार्यों को दृढतापूर्वक एकसाथ करने का समर्थन देता है साथ ही इसका उद्देश्य है कामकाजी महिलाओं को उनके स्तनपान सम्बन्धी अधिकार के प्रति जागरूकता प्रदान करना साथ ही कार्यालयों में भी इस प्रकार का माहौल बनाना कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधाएं न हो डब्ल्यूएचओ की सिफारिश के अनुसार नवजात शिशु के लिये पीला गाढ़ा चिपचिपा युक्त मां के स्तन का दूध कोलेस्ट्रम सम्पूर्ण आहार होता है जिसे बच्चे के जन्म के तुरन्त बाद 1 घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिये सामान्यतः बच्चे को 06 महीने की अवस्था तक स्तनपान कराने की अनुशंसा की जाती है शिशु को 6 महीने की अवस्था और 02 वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिये स्तन में दूध पैदा होना नैसर्गिक प्रक्रिया है। स्तनपान से होने वाले फायदेः स्तनपान कराने से मां एवं शिशु दोनों को फायदा होता है जैसे शिशु के लिये सर्वोत्त्म आहार होता है मां का दूध, मां के दूध में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रम शिशु को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है, शिशु को रोगों से बचाता है, शिशु की वृद्धि अच्छे से होती है। मां के दूध मेंलेक्टोर्फोमिन नामक तत्व होता है, जो बच्चे की आंत में लौह तत्व को बांध लेता है लौह तत्व के अभाव में शिशु की आंत में रोगाणु नहीं पनप पाते। वैसे तो स्तनपान एक स्वाभाविक प्रकिया है परन्तु पहली बार मां बनने वाली माताओं को शुरू में स्तनपान कराने हेतु सहायता की आवश्यकता होती है। स्तनपान के बारे में सही ज्ञान के अभाव में बच्चों में कुपोषण रोग एवं संक्रमण से दस्त होने की संभावना हो सकती हैवर्ष 2026 हेतु विश्व स्तनपान दिवस की थीम है “जीवन की सतत शुरुआत के लिए स्तनपानः प्रभावी उपायों को सुदृढ़ बनाएं।नीलम वर्मा, सचिव(पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,अम्बेडकरनगर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार दिनांक 01 अगस्त से दिनांक 30 दिसम्बर 2026 तक चलने वाले राष्ट्र के लिये मध्यस्थता अभियान 3.0 के विषय में एवं दिनांक 12.09.2025 को जनपद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में जानकारी दी गई।






