Saturday, February 21, 2026

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बाघ ने बुजुर्ग को बनाया निवाला परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल ग्रामीणों में आक्रोश। अमरनाथ ब्यूरो बेनकाब भ्रष्टाचार।

बाघ ने बुजुर्ग को बनाया निवाला परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल ग्रामीणों में आक्रोश।

अमरनाथ ब्यूरो बेनकाब भ्रष्टाचार।

लखीमपुर खीरी/सम्पूर्णानगर कस्बे की वृंदावन कॉलोनी में शुक्रवार शाम बड़ा हादसा हुआ, जब बाघ ने बिष्णु चाय वाले के 62 वर्षीय पिता चंद्रिका प्रसाद को घर के पीछे से घसीटकर जंगल में ले जाकर मार डाला। घटना करीब 5:30 बजे की है। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव तिराहे पर रखकर जाम लगाया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वनकर्मी समय पर नहीं पहुंचे। तनाव बढ़ने पर पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
क्षेत्र में बाघ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले इसी गांव की एक महिला और बीते गुरुवार पटिहन में 11 वर्षीय बच्ची को भी बाघ अपना शिकार बना चुका है। संपूर्णानगर, रानी नगर, मुरारखेड़ा, पटिहन, गांधीनगर और खजुरिया सहित कई गांवों में दहशत का माहौल है। परिजन एवं ग्रामीणों ने मुआवजे और सरकारी नौकरी के साथ-साथ बाघ की जल्द पकड़ और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

International

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बाघ ने बुजुर्ग को बनाया निवाला परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल ग्रामीणों में आक्रोश। अमरनाथ ब्यूरो बेनकाब भ्रष्टाचार।

बाघ ने बुजुर्ग को बनाया निवाला परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल ग्रामीणों में आक्रोश।

अमरनाथ ब्यूरो बेनकाब भ्रष्टाचार।

लखीमपुर खीरी/सम्पूर्णानगर कस्बे की वृंदावन कॉलोनी में शुक्रवार शाम बड़ा हादसा हुआ, जब बाघ ने बिष्णु चाय वाले के 62 वर्षीय पिता चंद्रिका प्रसाद को घर के पीछे से घसीटकर जंगल में ले जाकर मार डाला। घटना करीब 5:30 बजे की है। मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने शव तिराहे पर रखकर जाम लगाया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वनकर्मी समय पर नहीं पहुंचे। तनाव बढ़ने पर पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
क्षेत्र में बाघ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ दिन पहले इसी गांव की एक महिला और बीते गुरुवार पटिहन में 11 वर्षीय बच्ची को भी बाघ अपना शिकार बना चुका है। संपूर्णानगर, रानी नगर, मुरारखेड़ा, पटिहन, गांधीनगर और खजुरिया सहित कई गांवों में दहशत का माहौल है। परिजन एवं ग्रामीणों ने मुआवजे और सरकारी नौकरी के साथ-साथ बाघ की जल्द पकड़ और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

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