Saturday, February 21, 2026

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बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी पीड़ित के जमीन का बिना नापी किए चले लेखपाल और कानूनगो।

बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी पीड़ित के जमीन का बिना नापी किए चले लेखपाल और कानूनग।

बिल्थरारोड। तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा चंदायर बल्लीपुर में पीड़ित के जमीन की पैमाईश के लिए बाद बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी मौके पर गए लेखपाल और कानूनगो ने पीड़ित को कब्जा दिलाने के बजाय बिना नापी किए उनकी चकआउट की जमीन को सड़क में बताकर चले गए । ज्ञात हो कि चंदायर बल्लीपुर गांव निवासी विनोद कुमार पुत्र स्व0 बलिराम राम का चकबंदी प्रक्रिया के दौरान लेखपाल द्वारा उनके जमीन का पैमाईश कर खूंटा गाड़ दिया गया था। जिसे विपक्षी द्वारा गणेश यादव द्वारा उखाड़कर फेक दिया गया। इसकी शिकायत विनोद कुमार पुत्र स्व0 बलिराम राम द्वारा बंदोबस्त अधिकारी से किया गया। जिसपर उन्होंने संबंधित कानूनगो और लेखपाल को पुनः जमीन की पैमाईश करने का दिया गया । शनिवार को मौके पर पहुंचे कानूनगो मंगलदेव और लेखपाल ब्रजेश सिंह द्वारा पीड़ित की जमीन गाटा संख्या 266 /530 में 0.016 का पैमाईश न करके विपक्षी गणेश यादव के जमीन गाटा संख्या 345 का नापी किया गया। और पीड़ित की चकाआउट की जमीन को सड़क में दिखा दिया गया। जबकि चकाउट की जमीन में सड़क नहीं बन सकती है।पीड़ित का आरोप है कि 6 माह पूर्व में लेखपाल द्वारा हमारे जमीन को नापकर खूंटा गड़वा दिया गया था। विपक्षी गणेश यादव द्वारा उखाड़कर फेक दिया गया। लेखपाल और कानूनगो पीड़ित की जमीन नहीं नापकर विपक्षी के जमीन का पैमाईश करना इनकी कार्यप्रणाली सवालिया निशान लगने लगा है। पीड़ित को न्याय नहीं मिलने पर दर -दर भटकने को मजबूर है। देखना यह है कि चकबंदी विभाग के उच्चाधिकारी क्या करवाई करते है।

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बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी पीड़ित के जमीन का बिना नापी किए चले लेखपाल और कानूनगो।

बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी पीड़ित के जमीन का बिना नापी किए चले लेखपाल और कानूनग।

बिल्थरारोड। तहसील क्षेत्र के ग्रामसभा चंदायर बल्लीपुर में पीड़ित के जमीन की पैमाईश के लिए बाद बंदोबस्त अधिकारी के आदेश के बाद भी मौके पर गए लेखपाल और कानूनगो ने पीड़ित को कब्जा दिलाने के बजाय बिना नापी किए उनकी चकआउट की जमीन को सड़क में बताकर चले गए । ज्ञात हो कि चंदायर बल्लीपुर गांव निवासी विनोद कुमार पुत्र स्व0 बलिराम राम का चकबंदी प्रक्रिया के दौरान लेखपाल द्वारा उनके जमीन का पैमाईश कर खूंटा गाड़ दिया गया था। जिसे विपक्षी द्वारा गणेश यादव द्वारा उखाड़कर फेक दिया गया। इसकी शिकायत विनोद कुमार पुत्र स्व0 बलिराम राम द्वारा बंदोबस्त अधिकारी से किया गया। जिसपर उन्होंने संबंधित कानूनगो और लेखपाल को पुनः जमीन की पैमाईश करने का दिया गया । शनिवार को मौके पर पहुंचे कानूनगो मंगलदेव और लेखपाल ब्रजेश सिंह द्वारा पीड़ित की जमीन गाटा संख्या 266 /530 में 0.016 का पैमाईश न करके विपक्षी गणेश यादव के जमीन गाटा संख्या 345 का नापी किया गया। और पीड़ित की चकाआउट की जमीन को सड़क में दिखा दिया गया। जबकि चकाउट की जमीन में सड़क नहीं बन सकती है।पीड़ित का आरोप है कि 6 माह पूर्व में लेखपाल द्वारा हमारे जमीन को नापकर खूंटा गड़वा दिया गया था। विपक्षी गणेश यादव द्वारा उखाड़कर फेक दिया गया। लेखपाल और कानूनगो पीड़ित की जमीन नहीं नापकर विपक्षी के जमीन का पैमाईश करना इनकी कार्यप्रणाली सवालिया निशान लगने लगा है। पीड़ित को न्याय नहीं मिलने पर दर -दर भटकने को मजबूर है। देखना यह है कि चकबंदी विभाग के उच्चाधिकारी क्या करवाई करते है।

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